क्वात्रोकी के खिलाफ मामले बंद होंगे

महाधिवक्ता गोपाल सुब्रमण्यम ने प्रधान न्यायाधीश केजी बालाकृष्णन की पीठ को इस बात की जानकारी दी कि सरकार ने वर्ष 2004 के दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश के मद्देनजर क्वोत्रोकी के खिलाफ सभी मामले वापस लेने का निर्णय लिया है।
क्वात्रोकी पर कौन से आरोप
न्यायालय 1997 में दाखिल उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी जिसमें क्वात्रोकी के लंदन स्थित बैंक खाते को जब्त करने की मांग की गई थी। क्वात्रोकी पर आरोप है कि भारतीय सेना के लिए 1986 में स्वीडन की हथियार निर्माता कंपनी बोफोर्स एबी से तोप खरीद के 1.2 अरब डॉलर के सौदे में उसने बिचौलिए के तौर पर सात अरब रुपये की रिश्वत ली थी। क्वात्रोकी ने इस आरोप से इंकार किया है।
सुब्रमण्यम ने खंडपीठ को बताया कि क्वोत्रोकी के प्रत्यर्पण के सभी प्रयास विफल साबित हुए हैं, क्योंकि अर्जेटीना और मलेशिया सहित दुनिया की विभिन्न अदालतों ने उसके खिलाफ कोई मामला नहीं पाया है। सुब्रमण्यम ने कहा कि सरकार मामले के सभी तथ्यों को देखते हुए अपराध दंड संहिता की धारा 321 के तहत इस मामले को बंद करने का निर्णय लिया है।
क्वोत्रोकी के लंदन स्थित बैंक खाते को बहाल करने के खिलाफ जनवरी 2006 में सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने वाले अधिवक्ता अजय अग्रवाल ने सरकार और सीबीआई के इस कदम का विरोध किया है। अग्रवाल ने कहा, "इस सरकार ने क्वोत्रोकी के साथ इस तरह का व्यवहार किया है जैसे वह इस देश का दामाद हो।" अग्रवाल ने कहा, "सीबीआई और पूरी सरकार इस मामले को बंद करने की कोशिश कर रही है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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