अब न्योमा से होगी चीन की निगरानी

इस खास मौके पर ग्रुप कैप्टन चाटेकर, एयर मार्शल ब्राउने(एओसी पश्चिमी कमान) और सेना के उत्तरी कमान के जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल पीसी भारद्वाज भारतीय वायुसेना के ट्रांस्पोर्ट विमान एएन 32 में बैठकर इस हवाई पट्टी पर उतरे।
यह पहला मौका है जब कोई बड़ा विमान इस पट्टी पर उतरा है, अब तक केवल हेलीकॉप्टर ही इस पट्टी का इस्तेमाल करते थे। इस पट्टी की लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल से दूरी केवल 23 किमी है। भारतीय वायुसेना और सेना के संयुक्त प्रयास से लेह-लद्दाख के मुश्किल हालातों पर इस पट्टी को बड़े फिक्स्ड विंग विमानों की लैंडिंग के अनुरूप बनाया गया है।












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