ऑस्ट्रेलिया की भारतीय छात्रों को चेतावनी

समाचार पत्र 'द एज' के मुताबिक ढोंडी ने भारतीयों से यह मामला अपने हाथों में लेने का अनुरोध किया था। उन्होंने एबीसी रेडियो से कहा था, 'भारतीय समुदाय की ओर से भी बदले में कुछ किया जाना चाहिए। भारत को उठ खडे़ होना चाहिए।'
रड ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया एक कानून सम्मत देश है। उन्होंने कहा, 'कानूनों का यहां कोई मकसद है और सभी नागरिकों को इनका पालन करना होगा।' यह पूछने पर कि कानून अपने हाथ में लेने वालों को वह क्या चेतावनी देना चाहेंगे रुड ने कहा, 'लोगों को ऐसा नहीं करना चाहिए।'
शनिवार को एक बार के बाहर चार भारतीयों पर हमला किया गया था। हमलावरों ने पीड़ितों से कहा था, 'तुम भारतीय, अपने मुल्क लौट जाओ।' पुलिस का कहना है कि हमलावर चार या पांच थे जबकि नस्ली टिप्पणियां करने वाले 15 अन्य लोग वहां थे। पीड़ितों के संबंधी ओंकार सिंह ने एबीसी को बताया कि बार में हुए हमले में उनके रिश्तेदारों को गंभीर चोट आई है।
इस साल मई से यहां भारतीयों पर हमले की घटनाओं में तेजी आई है। ताजा हमला ऐसे मौके पर हुआ है कि जब विक्टोरिया प्रांत के प्रमुख जॉन ब्रम्पी ऑस्ट्रेलिया की छवि सुधारने के लिए भारत जाने की तैयारी में थे। थोड़े दिनों पहले ऑस्ट्रेलिया सरकार ने विदेश मंत्री एस. एम. कृष्णा को आश्वासन दिया था कि भारतीय छात्रों का ख्याल रखा जाएगा












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