'मुशर्रफ ने समझौते के तहत पद छोड़ा'

समाचार पत्र (डेली टाइम्स) ने मंगलवार को जरदारी के हवाले से कहा, "क्षेत्र में हित रखने वाली सभी अंतर्राष्ट्रीय और स्थानीय ताकते मुर्शरफ के सौदेबाजी के बाद हुए इस्तीफे के (गारंटर) थे।" जरदारी ने पत्रकारों को दी इफ्तार की दावत में यह जानकारी सार्वजनिक की। जरदारी ने कहा कि मुशर्रफ पर संविधान के अनुच्छेद छह के तहत मुकदमा नहीं चलाया जा सकता जैसा विपक्षी दल खासकर पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) मांग कर रही है।
यह पूछे जाने पर कि क्या सेना प्रमुख जनरल अशफाक परवेज कयानी भी सौदेबाजों में से एक थे तो राष्ट्रपति ने सेना प्रमुख को इस बहस में खींचने से मना कर दिया। उल्लेखनीय है कि इस्लामाबाद पुलिस ने अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश मुहम्मद अकमल खान के आदेश पर 10 अगस्त को मुशर्रफ के खिलाफ एक आपराधिक मामला दर्ज किया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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