यह कैसी गुरु दक्षिणा?

सईद जरीर हुसैन

गुवाहाटी, 5 सितम्बर (आईएएनएस)। ऐसे में जब पूरे देश में शनिवार को शिक्षक दिवस मनाया जा रहा है, असम में छात्रों द्वारा शिक्षकों की पिटाई और स्कूलों में तोड़-फोड़ की घटनाओं ने गुरु-शिष्य संबंधों में कड़वाहट पैदा कर दी है।

यहां के 175 वर्ष पुराने ऐतिहासिक स्कूल कॉटन कॉलेजिएट हाइयर सेकेंडरी स्कूल के पिं्रसिपल पबित्र डेका कहते हैं, "यह वाकई दुख की बात है कि छात्र शिक्षकों की पिटाई से बाज नहीं आ रहे हैं। कई स्कूलों में ऐसी वारदातें हो चुकी हैं। यहां तक कि स्कूली संपत्ति को भी नुकसान पहुंचाया जा रहा है।" पिछले एक सप्ताह में ऐसी कई वारदातें हो चुकी हैं।

लालचंद ओंकारमल गोयनका हिंदी हाई स्कूल के प्रधानाध्यापक पी.सी बिस्वास ने आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा, "छात्रों में शिक्षकों के प्रति आदर कम हो गया है और कुछ शिक्षक भी छात्रों को हिंसा पर उतारू होने के लिए प्रेरित करते रहे हैं। मुझ पर हुए हमले के पीछे भी यह सच छिपा है।"

एक सप्ताह पहले छात्रों ने बिस्वास की पिटाई की। अभी भी वह जख्म से उबर नहीं पाए हैं। स्कूल प्रबंधन ने इस मामले में छह छात्रों को स्कूल परिसर में रोके रहने का फैसला किया। इससे छात्र भड़क गए और वे सड़कों पर उतर आए। पुलिस को ताकत का इस्तेमाल करना पड़ा।

इधर, बुधवार को पश्चिमी असम के नालबाड़ी में एक नवोदय विद्यालय में छात्रों ने तोड़-फोड़ की। उन्होंने स्कूल के कंप्यूटर, मेज, कुर्सी आदि तोड़ डाले। स्कूल से एक छात्र के लापता होने से छात्र भड़क उठे, जबकि स्कूल प्रबंधन ने इस मामले में पूरी सक्रियता दिखाई थी। इस वारदात के बाद गुवाहाटी के एक कालेज में छात्र उस वक्त हंगामा करने लगे जब उन्हें पता चला कि एक शिक्षक ने एक छात्र को कमीज के ऊपरी दो बटन नहीं लगाने के लिए फटकार लगाई है। असम में ऐसी वारदातें आए दिन होती रहती हैं।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

**

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+