पूर्व शाही इमाम अब्दुल्ला बुखारी नहीं रहे
बुखारी ने वर्ष 2000 में ही अपने पुत्र सैयद अहमद बुखारी को मुगल बादशाह शाहजहां द्वारा 17वीं सदी में बनवाई गई मस्जिद का शाही इमाम बना दिया था।
मस्जिद के प्रवक्ता अमानुल्लाह खान ने आईएएनएस को बताया कि बुखारी का निधन अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में हुआ, जहां उन्हें हफ्तों पहले भर्ती कराया गया था।
राजस्थान में जन्मे और दिल्ली में शिक्षा अर्जित करने वाले बुखारी देश की आजाद से एक साल पहले 1946 में नायब शाही इमाम बने थे।
वर्ष 1977 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के खिलाफ प्रचार कर वह काफी चर्चित हुए। उसके बाद से राजनीतिक दलों ने उनका समर्थन हासिल करने की कोशिशें शुरु कर दीं। उन्होंने बाबरी मस्जिद आंदोलन में भी सक्रिय भूमिका निभाई थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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