वाजपेयी की तबियत बिगड़ी

दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के डॉक्टरों ने कहा है कि उनके श्वसन प्रणाली में संक्रमण बढ़ने के बाद उन्हें वेंटिलेटर यानी कृत्रिम रुप से श्वांस देने वाली मशीन पर रखा गया है.
श्वसन प्रणाली में संक्रमण और बुखार के बाद उन्हें मंगलवार को अस्पताल में भर्ती किया गया था.
हालांकि उन्हें सघन चिकित्सा केंद्र में रखा गया था लेकिन गुरुवार को डॉक्टरों ने कहा था कि उनकी हालत स्थिर है.
संक्रमण बढ़ा
आयुर्विज्ञान संस्थान के हृदय वक्ष स्नायु विज्ञान विभाग के अध्यक्ष संपत कुमार के अनुसार शुक्रवार की सुबह पूर्व प्रधानमंत्री वाजपेयी की तबियत बिगड़ने के बाद उन्हें वेंटिलेटर पर रखने का निर्णय लिया गया.
उन्होंने बताया कि डॉक्टरों की एक टीम उनके स्वास्थ्य पर नज़र रखे हुए है.
डॉक्टरों का कहना है कि उनका लीवर और किडनी ठीक तरह से काम कर रहा है और उनका ब्लडप्रेशर भी ठीक है.
84 वर्षीय अटल बिहारी वाजपेयी भाजपा के महत्वपूर्ण नेताओं में से एक हैं लेकिन अस्वस्थ होने के कारण वे पिछले कुछ समय से सक्रिय नहीं हैं.
मार्च 1998 से मई 2004 तक, छह साल भारत के प्रधानमंत्री रहे अटल बिहारी वाजपेयी को सांसद के रूप में लगभग पाँच दशक का अनुभव है.
वे बहुत प्रभावशाली वक्ता के रूप में जाने जाते रहे हैं और महत्वपूर्ण मुद्दों पर उनकी राय को गौर से सुना जाता है.
वे वर्ष 1957 में पहली बार संसद सदस्य बने और अपने राजनीतिक सफ़र में उन्होंने कई बार माना कि वे पंडित नेहरू से काफ़ी प्रभावित रहे हैं.
पंडित नेहरू ने उनके बारे में कहा था कि वे एक प्रतिभाशाली सांसद हैं जिनके राजनीतिक सफ़र पर नज़र रखी जानी चाहिए.












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