मप्र में विशेषज्ञों ने मंत्रियों को दिया किताबी ज्ञान
विशेषज्ञों से लेकर मंत्री तक यह मानते हैं कि उन्हें मौदानी अनुभव है परंतु सैद्धांतिक कमियां उनके बने बनाए काम में बाधक बन जाती हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी मानते हैं कि प्रबंधन और दक्षता संवर्धन के लिए आयोजित यह कार्यशाला मंत्रियों के लिए काफी मददगार साबित होगी।
इस कार्यशाला के दौरान भारतीय प्रबंधन संस्थान अहमदाबाद की पूर्व डीन इंदिरा ज़े पारेख, मनोविज्ञान के प्रोफेसर गिरीश्वर मिश्र तथा आनंद राव ने जो सीख दी उस पर अपनी प्रतिक्रिया जताने में भी कई मंत्री पीछे नहीं रहे। राजस्व राज्यमंत्री करण सिंह वर्मा ने तो यहां तक कह दिया कि जो भी उन्हें बताया जा रहा है वह नया नहीं है वे ऐसा तो करते ही रहते हैं।
इस कार्यशाला से कई मंत्री उत्साहित भी हैं और उन्हें लगता है कि इससे उनमें सुधार भी आएगा। उद्योग मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का मानना है कि इस कार्यशाला से उन्हें नई जानकारी भी मिली है, वे मैदानी क्षेत्र में सक्रिय रहते हैं और आमजन की समस्या का निदान भी करते हैं, मगर कई बार उसकी पूरी बात नहीं सुनते, विशेषज्ञों ने इस ओर ध्यान दिलाया। अब उन्हें भी लगता है कि आमजन की बात सुनकर उसे संतुष्ट करना भी जरूरी है।
प्रदेश में स्वास्थ्य मंत्री अनूप मिश्रा भी इस कार्यशाला को स्वर्णिम मध्य प्रदेश बनाने की दिशा में एक सार्थक पहल मानते हैं। साथ ही उन्हें लगता है कि ज्ञान बढाने में भी कार्यशाला सहायक है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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