ईरान में इस्लामिक क्रांति की 30 वीं वर्षगांठ
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खोमैनी ने पूर्व सर्वोच्च नेता की कब्र पर जाने के अलावा इराक के साथ 1980 से 88 के बीच चले युद्ध के शहीदों को भी श्रद्धांजलि दी।
संविधान के अनुसार ईरान में सभी मामलों में अंतिम निर्णय का अधिकार रखने वाले अली खोमैनी ने खोमैनी की विरासत को जारी रखने का वादा किया।
उल्लेखनीय है कि अयातुल्ला खोमैनी 15 वर्ष के राजनीतिक निर्वासन से 2,500 वर्ष पुरानी राजशाही के अंत के 10 दिन बाद एक फरवरी 1979 को ईरान लौटे थे। उन्होंने एक इस्लामी गणराज्य की स्थापना की घोषणा की। तभी से ईरान पश्चिमी देशों के लिए बड़ी राजनीतिक चुनौती के रूप में उभरा है।
ईरानी राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद भी खोमैनी की कब्र पर गए और कहा कि इस्लामी क्रांति अभी भी जीवित है और जब तक दुनिया में न्याय का शासन स्थापित नहीं हो जाता तब तक इसका प्रयास जारी रहेगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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