तिहाड़ जेल में कैदियों की मृत्युदर घटी
नई दिल्ली, 1 फरवरी (आईएएनएस)। एशिया की सबसे बड़ी जेलों में से एक तिहाड़ में कैदियों के स्वास्थ्य का स्तर सुधरा है और वहां होने वाली मौतों में कमी आई है।
पिछले कुछ वर्षो के दौरान कैदियों की रहस्यमय मौतों के कई मामलों के प्रकाश में आने के बाद मानवाधिकार संगठनों की निगाह इस जेल पर लगी हुई थी लेकिन वर्ष 2008 में यहां कैदियों की मौत के अब तक के सबसे कम मामले देखने को मिले। इनमें आत्महत्या का कोई मामला शामिल नहीं था।
तिहाड़ जेल के विधि अधिकारी सुनील गुप्ता ने आईएएनएस को बताया, "वर्ष 2008 में यहां मात्र 13 लोगों की मौत हुई जबकि वर्ष 2007 में इनकी संख्या 33 थी।"
उन्होंने बताया कि मौत के मामलों में कमी का प्रमुख कारण बेहतर चिकित्सा सुविधाएं और स्तरीय चिकित्साकर्मी व सहायकों का होना है।
तिहाड़ जेल के नौ हिस्से हैं जिनमें से आठ तिहाड़ कांपलेक्स और एक रोहिणी में है। इसकी कुल क्षमता 6,250 कैदियों की है लेकिन वर्तमान में यहां 11,500 कैदी बंद हैं।
यहां 150 बिस्तरों वाला एक अस्पताल और प्रत्येक हिस्से में एक डिस्पेंसरी है। जेल में 107 चिकित्सक और 150 चिकित्सा सहायक हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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