प्रणब कोलंबो रवाना, तमिल नागरिकों की सुरक्षा पर चिंता जताई (लीड-2)
कोलंबो रवाना होने से कुछ घंटों पहले मुखर्जी ने संवाददाताओं से कहा कि हम हर तरह के आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई रहे हैं। इसलिए हमारी सहानुभूति किसी भी प्रकार के आतंकवाद या खासकर भारत में प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन लिट्टे (लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम) के प्रति नहीं है।
मुखर्जी ने कहा कि हम तमिल नागरिकों की स्थिति को लेकर चिंतित हैं और उनकी सुरक्षा के उपायों को देख रहे हैं। हम उन्हें परिस्थितियों के असहाय शिकार के रूप में नहीं छोड़ सकते।
मुखर्जी ने कहा कि वे श्रीलंका के राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे और अन्य अधिकारियों से मुल्लैतिवु जिले में फंसे हजारों तमिल नागरिकों की सुरक्षा के बेहतर उपाय करने पर चर्चा करेंगे।
श्रीलंका ने स्पष्ट कर दिया कि विदेश मंत्री प्रणब मुखर्जी उसके निमंत्रण पर मंगलवार शाम कोलंबो पहुंचने वाले हैं।
इस बीच श्रीलंका के विदेश मंत्रालय के बयान में स्पष्ट किया गया है कि मुखर्जी श्रीलंका के निमंत्रण पर कोलंबो पहुंच रहे हैं। मुखर्जी श्रीलंका के राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे से मुलाकात करेंगे। मंत्रालय ने दोनों नेताओं की चर्चा के एजेंडे के बारे में कुछ नहीं कहा।
श्रीलंका ने लिट्टे पर आरोप लगाया है कि वह नागरिकों का उपयोग अपनी आड़ के लिए कर रहा है। अनुमान है कि लड़ाई के इलाके में 100,000 से 250,000 के बीच नागरिक फंसे हैं।
उल्लेखनीय है कि भारतीय विदेश सचिव शिवशंकर मेनन ने इस महीने के मध्य में श्रीलंका की यात्रा कर राष्ट्रपति राजपक्षे सहित अन्य अधिकारियों के साथ कई मुद्दों पर चर्चा की थी।
भारत ने 1991 में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या के बाद लिट्टे को प्रतिबंधित कर दिया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications