पूर्व राष्ट्रपति आर. वेंकटरमन नहीं रहे, राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री ने भी जताया शोक (लीड-1)
उन्होंने 2.30 बजे यहां सेना के रिसर्च एंड रेफरल हॉस्पिटल में अंतिम सांस ली। पेशाब में संक्रमण की शिकायत के बाद उन्हें विगत 12 जनवरी को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वे सांस संबंधी बीमारी से भी पीड़ित थे।
चार दिसंबर 1910 को जन्मे वेंकटरमन देश के आठवें राष्ट्रपति थे। उनका कार्यकाल 1987 से 1992 तक रहा। राष्ट्रपति पद पर आसीन होने से पूर्व वेंकटरमन करीब चार साल तक देश के उपराष्ट्रपति भी रहे।
राष्ट्रपति प्रतिभा देवीसिंह पाटिल ने वेंकटरमन के निधन पर शोक जताते हुए कहा, "वेंकटरमन के निधन से हमने एक सच्चा देशभक्त और महान नेता खो दिया।"
उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने वेंकटरमन के निधन पर कहा, "सार्वजनिक जीवन में वे एक मजबूत व्यक्तित्व थे। अपनी स्वच्छ व साधारण छवि के चलते उन्होंने समाज में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई और अपने अनुभवों से समाज के शोषित व पिछड़े वर्ग के लिए हमेशा बढ़चढ़ कर काम किया।"
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अपने शोक संदेश में कहा, "सार्वजनिक जीवन में वे एक शानदार व्यक्ति थे। देश के लिए उन्होंने जो योगदान दिया है उसे कभी भुलाया नहीं जाएगा। वे ज्ञान, चरित्र और बुद्धिमता के धनी थे।"
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने उनके निधन पर शोक जताते हुए कहा, "उनके निधन से सार्वजनिक जीवन का एक मजबूत स्तंभ ढह गया और भारतीय राजनीति की एक दिशादर्शक ज्योति बूझ गई।"
उन्होंने कहा, "समय-समय पर उनकी मित्रवत सलाह विशेषकर जटिल क्षणों में मुश्किलों को आसान कर दिया करती थी।"
वाजपेयी ने उन्हें कुशल प्रशासक, अच्छा इंसान व परिपक्व व सुलझा हुआ राजनेता बताया।
कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा, "कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने वेंकटरमन के निधन पर शोक जताया है। उन्होंने कहा है कि वेंकटरमन का राजनीतिक कद बहुत ऊंचा था। विभिन्न सर्वोच्च पदों पर रहते हुए उन्होंने लंबे समय तक देश की सेवा की है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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