पद्म विभूषण पाकर विनीत महसूस कर रही हैं सिस्टर निर्मला
कोलकाता, 26 जनवरी (आईएएनएस)। मिशनरीज ऑफ चैरिटी (एमओसी) की प्रमुख सिस्टर निर्मला ने सोमवार को कहा कि इस सम्मान को पाकर मैं अपने आप को विनीत महसूस करती हूं। साथ ही उन्होंने कहा कि उन्होंने ऐसा क्या किया है कि उन्हें देश के दूसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान (पद्म विभूषण) के लिए चुना गया।
सिस्टर निर्मला ने एमओसी के वैश्विक मुख्यालय में यहां संवाददाताओं को बताया, "मैं इस पुरस्कार के बारे में ज्यादा कुछ नहीं जानती। मैं यह समझ पाने में असमर्थ हूं कि मैंने इस सम्मान के लायक क्या किया है।"
गणतंत्र दिवस के मौके पर इस सम्मान के लिए चुने गए 10 लोगों में से सिस्टर निर्मला भी एक हैं।
निर्मला ने कहा, "इस सम्मान को पाकर मैं अपने आप को विनीत महसूस करती हूं। लेकिन यह मेरी अकेले की उपलब्धि नहीं है, बल्कि इसमें एमओसी की उन सभी ननों का योगदान है, जिन्होंने अपना जीवन ईश्वर व जनता की सेवा में समर्पित कर दिया है।"
निर्मला (74) ने कहा, "ईश्वर हमें अच्छा-बुरा जो भी देता है, हम उसे स्वीकार करते हैं। मैं उसे धन्यवाद देती हूं और इस सम्मान को उसके आशीर्वाद के रूप में स्वीकार करती हूं।"
रांची के एक ब्राह्मण परिवार में निर्मला जोशी के रूप पैदा हुईं सिस्टर निर्मला 17 वर्ष की उम्र में धर्म परिवर्तन के बाद एमओसी से जुड़ गईं थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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