राष्ट्रपति ने आतंकवाद के खिलाफ कड़ी अंतर्राष्ट्रीय कार्रवाई को कहा (लीड-1)
गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर रविवार को राष्ट्र के नाम अपने संदेश में राष्ट्रपति ने कहा कि अपनी स्वतंत्रता के बाद से ही एक जिम्मेदार देश के रूप में हमने अपनी विदेशी संबंधों का उपयोग शांति और विकास के लिए किया है। फिर भी हम एक ऐसे क्षेत्र में हैं जहां आतंकवाद का प्रमुख केंद्र है।
राष्ट्रपति ने कहा कि पिछले दो दशकों से हम आतंकवाद से पीड़ित हैं। उन्होंने विश्व की स्थिरता के लिए खतरा बन गए आतंकवाद के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को संयुक्त रूप से निर्णायक कदम उठाने को कहा।
पाकिस्तान का नाम लिए बिना राष्ट्रपति पाटिल ने कहा कि कोई भी देश इस लड़ाई में दोहरा रवैया नहीं अपना सकता। आतंकवादी कार्रवाइयों के लिए गैर राज्यीय ताकतों को जिम्मेदार ठहराना खुद की पराजय स्वीकार करना है, जो पूरी तरह अस्वीकार्य है। देशों को अपनी जिम्मेदारियां निभानी चाहिए। अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को आतंकवाद को पराजित करना होगा।
मुंबई और अन्य राज्यों में हुए आतंकवादी हमलों का जिक्र करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि पूरी तरह सुनियोजित ये हमले भारत के विश्वास को नुकसान पहुंचाने में विफल रहे। आतंकवादियों की आशा के विपरीत भारत और मजबूत तथा एकजुट होकर उभरा है।
मुंबई हमले की छाया में हुए कई राज्यों के विधानसभा चुनावों का हवाला देते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि जम्मू एवं कश्मीर सहित कई राज्यों में भारी संख्या में मतदान कर भारतीय जनता ने लोकतंत्र में अपना विश्वास होने की फिर पुष्टि की है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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