गाजा में दहशत के साये में स्कूल पहुंचे बच्चे
समाचार एजेंसी डीपीए के मुताबिक गाजा में संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी स्कूल के बाहर मुहम्मद, रमाजी और आबेद खेलते दिखे। ये तीनों बच्चे तीसरी कक्षा के छात्र हैं और शनिवार को कई दिनों बाद अपने स्कूल गए थे। रमाजी ने कहा, "मैं स्कूल आकर और अपने दोस्तों से मिलकर बहुत खुश हूं।"
बच्चों के साथ उनके अभिभावक भी स्कूलों के खुलने से खुश दिखे। नाहदा नाम की महिला की दो बेटियां भी शनिवार को स्कूल पहुंचीं। उनका कहना है, "बच्चे स्कूल पहुंचे हैं। यह बच्चों की बेहतरी के लिए उचित है।"
मुहम्मद अबू जबाला की उम्र 15 साल है और वह जबाल्या इलाके के फखूरा स्कूल में पढ़ता है। इसी जगह पर इजरायली हमले में 40 नागरिक मारे गए थे।
जमाला ने कहा, "मुझे याद है कि स्कूल से कुछ ही दूरी पर बम गिराए जा रहे थे। मेरे लिए और मेरे साथियों से लिए स्कूल लौटना बहुत मुश्किल था। हमले में मेरे चार सहपाठी भी मारे गए।"
गौरतलब है कि इजरायल ने 27 दिसंबर, 2008 से गाजा पर हमले शुरूकिए थे। इनमें 1,400 से अधिक फिलीस्तीनी मारे गए। मरने वालों में 400 से अधिक बच्चे भी शामिल थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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