'देश में बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं करोड़ों बच्चे'
स्वयंसेवी संगठन 'हक: सेंटर फॉर चाइल्ड राइट्स' की रिपोर्ट 'स्टिल आउट ऑफ फोकस स्टेट्स ऑफ चिल्ड्रेन इन इंडिया- 2008' में यह बात कही गई है। संस्था की सह-निदेशक इनाक्षी गांगुली का कहना है, "इस बदहाली का सबसे अधिक असर समाज के कमजोर तबके के बच्चों पर पड़ा है। सरकार को इस रिपोर्ट को गंभीरता से लेना चाहिए।"
यह रिपोर्ट शुक्रवार को नई दिल्ली में जारी की गई। इस मौके पर जाने-माने सामाजिक कार्यकर्ता स्वामी अग्निवेश और पूर्वी दिल्ली के सांसद संदीप दीक्षित भी मौजूद थे।
रिपोर्ट के मुताबिक देश में 16.4 करोड़ बच्चे ऐसे हैं जो 0-6 वर्ष की उम्र के हैं और इनमें भी छह करोड़ बच्चों की उम्र तीन से छह वर्ष के बीच है। इनमें से करीब 60 लाख बच्चे ऐसे हैं जो झुग्गी-झोपड़ियों में जीवनयापन कर रहे हैं।
इस रिपोर्ट में कहा गया है, "शिशु एवं बालमृत्यु दर शहरों की तुलना में गांवों में अधिक है। लड़कों की अपेक्षा लड़कियों में शिशु मृत्युदर ज्यादा हैं।" इसमें कहा गया है कि अन्य पिछड़ा वर्ग के सिर्फ 13 प्रतिशत बच्चे ऐसे हैं जो एकीकृत बाल विकास योजना (आईसीडीएस) के अंतर्गत आते हैं और उन्हें ही इस योजना का लाभ मिल पा रहा है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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