विजयन के बारे में माकपा पोलित ब्यूरो लेगा फैसला
विजयन पर आरोप है कि वर्ष 1997 में जब वह केरल सरकार में विद्युत मंत्री थे तब उन्होंने कनाडा की एक कंपनी को ठेका देने के एवज में दलाली खाई थी। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने इस मामले में जो आरोप पत्र तैयार किया है उसमें विजयन का भी नाम शामिल है।
माकपा के एक वरिष्ठ नेता ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, "विजयन के मसले पर पार्टी बड़ी दुविधा में है। वे हमारी पोलित ब्यूरो के सदस्य हैं। उन पर जो आरोप लगे हैं वह पार्टी की फजीहत का कारण बनी हुए हैं। इसलिए इस महीने के अंत तक पूरे पोलित ब्यूरो बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा होगी।"
उन्होंने कहा, "विजयन पर लगे आरोपों की पार्टी जांच कर रही है। उन पर लगे आरोपों में कितनी सच्चाई है, हम यह जानने का प्रयास कर रहे हैं। उन पर लगे आरोप यदि सत्य पाए गए तो इससे हमारा नैतिक पक्ष कमजोर होगा। हम इसकी समीक्षा करेंगे फिर उपाय के बारे में सोचेंगे।"
उल्लेखनीय है कि माकपा के इतिहास में यह पहला मौका है जब पार्टी के पोलित ब्यूरो का कोई सदस्य भ्रष्टाचार के किसी मामले में शामिल पाया गया हो।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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