बिहार में कर्मचारियों की हड़ताल जारी, अनुशासनात्मक कारवाई शुरू
हड़ताली कर्मचारियों को शुक्रवार से कारण बताओ नोटिस जारी करने का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। इधर, राज्य सरकार द्वारा हड़ताल पर डटे कर्मचारियों को काम पर लौटने का दिया गया अल्टीमेटम का कोई असर नहीं दिख रहा है।
कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग के सचिव आमिर सुबहानी ने शुक्रवार को बताया कि सभी विभागों के हड़ताली कर्मचारियों के खिलाफ कारवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि सभी जिलाधिकारियों को हड़ताली कर्मचारियों को नोटिस जारी करने के लिए कहा गया है। उन्होंने दावा किया कि कुछ हड़ताली कर्मचारी काम पर लौट भी आए हैं।
उधर, बिहार राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ (गोप गुट), बिहार सचिवालय सेवा संघ और बिहार राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के नेताओं ने कहा है कि हड़ताल टूटने की बात ही नहीं है।
सरकार द्वारा हड़ताली कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस देने की कारवाई को अवैध बताते हुए बिहार राज्य अराजपत्रित कर्मचारी संघ के अध्यक्ष अरुण कुमार सिंह ने शुक्रवार को कहा कि सरकारी धमकी से हड़तालियों की संख्या दिन-व-दिन बढ़ती जा रही है। उन्होंने कहा कि कोई भी कर्मचारी हड़ताल से वापस नहीं गया है।
बिहार राज्य सचिवालय सेवा संघ के महासचिव अनिल कुमार सिंह ने 17 वें दिन के हड़ताल को पूर्णत: सफल बताते हुए कहा कि कर्मचारियों की मांगें जब तक पूरी नहीं होती वे हड़ताल से नहीं हटेंगे।
उल्लेखनीय है कि राज्य के अराजपत्रित कर्मचारी महासंघों और राज्य सचिवालय संघ तथा शिक्षकों के सात संगठनों वाला बिहार राज्य प्राथमिक-माध्यमिक शिक्षाकर्मी संयुक्त मोर्चा के लगभग तीन लाख कर्मचारी 7 जनवरी से हड़ताल पर हैं। छठे वेतनमान को केन्द्र सरकार की तर्ज पर लागू करने की मुख्य मांग को लेकर ये कर्मचारी हड़ताल पर चले गये हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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