गणतंत्र दिवस परेड में शामिल होने का गर्व और उसके विविध रंग
असम की रहने वाली अमिया फूकन (15) के पिताजी की पिछले अक्टूबर महीने में वहां हुए श्रृंखलाबद्ध बम विस्फोटों में मौत हो गई थी। अमिया आज उन एनसीसी कैडेटों के साथ यहां राजधानी में मौजूद हैं, जिन्हें गणतंत्र दिवस परेड में हिस्सा लेना है।
26 जनवरी की परेड के लिए देश के 17 क्षेत्रों से चुने गए लगभग 2,000 एनसीसी कैडेटों में से फूकन एक हैं।
फूकन ने राजधानी के विजय चौक में आयोजित पूर्वाभ्यास परेड के दौरान आईएएनएस को बताया, "जब मुझे पता चला कि दिल्ली में गणतंत्र दिवस परेड के लिए मेरा चयन किया गया है तो मुझे बेहद खुशी हुई। लेकिन मेरे पिताजी मुझसे कहीं ज्यादा खुश थे। वह इतने गौरवान्वित हुए थे कि हर किसी से इस बारे में बताते थे।"
फूकन ने आगे कहा, "जब अक्टूबर महीने में हुए विस्फोट में पिताजी की मौत हुई तो हम सभी बुरी तरह टूट गए। मेरी कतई इच्छा नहीं रह गई थी परेड में शामिल होने की, लेकिन मेरी मां ने मुझे हिम्मत दिलाई। उसने कहा कि पिताजी की इच्छा के कारण मुझे परेड में शामिल होना चाहिए।"
तमिलनाडु से आए शरत नायर ने कहा, "मैंने पहली बार देश की राजधानी में कदम रखा है। पिछले वर्ष परेड में शामिल हुए मेरे कुछ मित्रों ने बताया था कि यहां बहुत ठंड रहती है। लेकिन मैं बहुत आराम से हूं। सुबह अभ्यास के दौरान थोड़ी ठंड जरूर रहती है, लेकिन उससे कोई दिक्कत नहीं है।"
जम्मू-कश्मीर की रोशनआरा खान कहती हैं, "दिल्ली मेरे लिए नई नहीं है। जिन बाजारों के बारे में हमारे उत्तरप्रदेश के मित्र चर्चा करते हैं, उन बाजारों में मैं पहले भी जा चुकी हूं। फिर भी हमने अगले महीने यहां दोबारा आने का निर्णय लिया है। उस समय हम अपने तरीके से राजधानी की सैर करेंगे।"
अपनी मसकबीन संभालते हुए मिजोरम के पुइया ने कहा कि एनसीसी कैंप देश की संस्कृति के बारे में समझने के लिए सबसे उपयुक्त जगह होती है।
एनसीसी के प्रवक्ता कर्नल सोमेश्वर सिंह सिनसिनवार के अनुसार परेड में हिस्सा ले रहे कुल 1,950 कैडेटों में से 65 कैडेट विदेशों से आए हुए हैं।
सिनसिनवार ने आईएएनएस को बताया, "रूस, कजाकिस्तान, बांग्लादेश, श्रीलंका, भूटान, मालदीव व विएतनाम से आए कैडेट भी परेड में हिस्सा ले रहे हैं।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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