उत्तरी श्रीलंका पर भारत ने चिंता जताई

उत्तरी श्रीलंका में सेना ने तमिल विद्रोहियों के ख़िलाफ़ अभियान चला रखा है और तमिल विद्रोहियों के कई इलाक़ों को अपने कब्ज़े में ले लिया है.
शनिवार को भारतीय विदेश सचिव शिवशंकर मेनन ने श्रीलंका में तमिल विद्रोहियों के ख़िलाफ़ हो रही कार्रवाई से उत्पन परिस्थितियों पर राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे से बात की और उनके सामने भारतीय पक्ष को रखा.
मेनन ने भारतीय पक्ष को रखा और कहा कि आम जनता की सुरक्षा को सुनिश्चित किया जाना चाहिए.
भारतीय दूतावास के बयान में कहा गया है कि शिवशंकर मेनन ने श्रीलंका से आग्रह किया है कि बातचीत के ज़रिए विवाद का राजनीतिक हल निकालने की कोशिश तेज़ की जाए.
ग़ौरतलब है कि अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों ने कहा है कि लगभग ढाई लाख लोग उत्तरी श्रीलंक में सेना और विद्रोहियों के बीच जारी लड़ाई में फंसे हुए हैं.
रेडक्रॉस ने इस लड़ाई के दौरान विस्थापित हुए हज़ारों लोगों की देखरेख के बारे में चिंता जता चुकी है.
विश्लेषकों की राय में भारत सरकार पर भारतीय तमिलों का दबाब है कि वो विवाद सुलझाने के लिए श्रीलंका सकार पर दबाब डाले.
इन दिनों श्रीलंकाई सेना ने तमिल विद्रोहियों के ख़िलाफ़ अपनी कार्रवाई तेज़ कर रखी है और उत्तरी जाफ़ना सहित विद्रोहियों के नियंत्रण वाले कई हिस्सों को अपने कब्ज़े में ले लिया है.












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