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संजय के सपा में आने पर प्रिया को ऐतराज नहीं होना चाहिए : अमर सिंह (लीड-2)

By Staff
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    नई दिल्ली में पत्रकारों से चर्चा में अमर सिंह ने कहा, "संजय यदि सपा में आते हैं तो प्रिया दत्त को निराश नहीं होना चाहिए। उन्हें यह समझना चाहिए कि केंद्र की कांग्रेसनीत सरकार हमारे समर्थन से ही चल रही है।"

    इससे पहले, कांग्रेस सांसद प्रिया दत्त ने मुंबई में पत्रकारों से चर्चा में कहा कि संजय दत्त के सपा के टिकट पर लखनऊ से लोकसभा चुनाव लड़ने के फैसले से परिवार में कोई विवाद नहीं है लेकिन वे 'निराश' जरूर हैं। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि वे संजय को हमेशा सहयोग देंगी।

    प्रिया ने यहां पत्रकारों से बातचीत में कहा, "यह निराशाजनक है कि संजय सपा में शामिल हुए हैं लेकिन यदि वह राजनीति के माध्यम से लोगों की सेवा करना चाहते हैं तो यह बहुत अच्छी बात है।"

    उन्होंने कहा, "न तो संजय और न ही मान्यता ने स्पष्ट किया है कि वे चुनाव लड़ रहे हैं। उनकी शादी की तरह ही मुझे इस बारे में भी मीडिया से ही पता चला है। इस बारे में परिवार में कोई चर्चा नहीं हुई है लेकिन परिवार में कोई विवाद नहीं है। यदि जरूरत पड़ेगी तो हम एक परिवार की तरह संजय का समर्थन करेंगे।"

    उन्होंने कहा, "हमारे लिए हमारे माता-पिता का नाम बहुत महत्वपूर्ण है। मेरे पिता और मेरी मां को इस मामले में नहीं घसीटा जाना चाहिए।"

    उन्होंने कहा, "यह कहना कि कांग्रेस पार्टी के साथ संजय सहज महसूस नहीं कर रहे थे और इसी कारण वे सपा का दामन थामने को मजबूर हुए, गलत है।"

    उत्तर-पश्चिम मुंबई से सांसद प्रिया ने कहा, "हम हमेशा से कांग्रेस पार्टी के प्रति वफादार रहे हैं। हमारा परिवार कांग्रेसी रहा है और जरूरत पड़ती तो पार्टी संजय को सही समय पर चुनाव लड़ने का मौका दे सकती थी।"

    प्रिया ने कहा, "यह संजय को तय करना है कि उन्हें चुनाव लड़ना है या नहीं या फिर किस पार्टी से चुनाव लड़ना है। हम अपने परिवार में भी अलग-अलग हैं। हम अपने निर्णय स्वयं लेते हैं और उसकी जिम्मेदारी भी लेते हैं।"

    सपा द्वारा पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष अबू आजमी को उत्तर-पश्चिम मुंबई से उम्मीदवार बनाने की घोषणा के एक दिन बाद एक अखबार में छपी खबर में प्रिया ने कहा था कि उनके भाई को 'बरगलाया' गया है।

    प्रिया ने कहा था, "मेरे पिताजी कभी भी सपा से नहीं जुड़ते। उनके निधन के बाद पहली बार मुझे ऐसा लगा कि चलो शुक्र है कि पिताजी ये दिन देखने के लिए जीवित नहीं है।"

    इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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