सोरेन ने दिया इस्तीफा, चंपई को बनाना चाहते हैं मुख्यमंत्री (लीड-2)
राज्यपाल सैयद सिब्ते रजी को इस्तीफा सौंपने के बाद सोरेन ने कहा कि उनकी पार्टी झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने मुख्यमंत्री पद के लिए चंपई सोरेन को अपना नेता चुना है।
सोरेन ने संवाददाताओं से कहा कि यदि उनके स्थान पर चंपई सोरेन को मुख्यमंत्री नियुक्त नहीं किया जाता है तो वे राज्य में चुनाव करवाना पसंद करेंगे। इस बीच सोरेन के इस्तीफे में हो रही देरी के कारण निर्दलीय विधायक और उपमुख्यमंत्री स्टीफन मरांडी ने भी इस्तीफा दे दिया।
सोरेन ने कहा, "जनता के फैसले का सम्मान करते हुए मैंने पद छोड़ा है। मैं देश का जिम्मेदार नागरिक हूं।"
उल्लेखनीय है कि चंपई सोरेन के नाम पर संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) में सहमति नहीं है। जहां झामुमो और कुछ निर्दलीय विधायक चंपई को मुख्यमंत्री बनाना चाहते हैं वहीं राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और कुछ अन्य निर्दलीय विधायक पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा को फिर से मुख्यमंत्री बनाना चाहते हैं।
दूसरी ओर कांग्रेस इस पूरे प्रकरण में चुप्पी साधे हुए है। पार्टी सूत्रों के अनुसार कांग्रेस के कुछ केंद्रीय और राज्य स्तरीय नेता राज्य में राष्ट्रपति शासन के पक्ष में हैं।
राज्य कांग्रेस के अध्यक्ष प्रदीप बालमुचु ने नई दिल्ली से फोन पर आईएएनएस से कहा, "हमें आशा है कि एक या दो दिन में इसका समाधान हो जाएगा।"
चंपई सोरेन को मुख्यमंत्री बनाने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि अगले मुख्यमंत्री के बारे में कोई भी फैसला संप्रग के नेताओं से बातचीत के बाद लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सोरेन को अपने स्टैंड पर अड़े नहीं रहना चाहिए।
राज्यपाल ने अभी तक यह निर्णय नहीं लिया है कि मौजूदा राजनीतिक संकट का हल निकलने तक सोरेन मुख्यमंत्री बने रहेंगे या नहीं। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, "मैं संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार कोई फैसला लूंगा।"
राज्य की 82 सदस्यीय विधानसभा में झामुमो के 17, कांग्रेस के नौ, राजद के सात और अन्य निर्दलीय और छोटे दलों के विधायक हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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