दुनिया को ओबामा युग के शुभारंभ का इंतजार
अमेरिका के लिए इसका खास प्रतीकात्मक महत्व है, क्योंकि ओबामा की शपथ के साथ ही अमेरिका में नस्लवाद की युगों पुरानी दीवार जर्जर हो जाएगी। ओबामा देश के 44 वें राष्ट्रपति होंगे। यह इतिहास ऐसे वक्त बनने जा रहा है जब मानव अधिकारों के जबर्दस्त पैरोकार स्वर्गीय अब्राहम लिंकन की 200वीं जयंती में कुछ ही सप्ताह रह गए हैं।
राष्ट्रपति के तौर पर लिंकन ने रंगभेद की दीवार को खत्म करने की सराहनीय कोशिश की थी। उन्होंने देश को गुलाम प्रथा से मुक्ति दिलाकर अमेरिकी सभ्यता का संस्कार बदल दिया।
ओबामा युग कई मोचोर्ं पर जूझ रही दुनिया के लिए उम्मीद की किरण बन सकता है। वह ऐसे वक्त देश की कमान थामने जा रहे हैं जब दुनिया घोर आर्थिक संकट में फंसी है। चूंकि अमेरिका वैश्विक अर्थव्यवस्था का केंद्र है, इसलिए उनके द्वारा उठाए जाने वाले हर आर्थिक कदम का दुनिया पर असर पड़ेगा।
उनके सामने चुनौतियां कम नहीं हैं। इराक, अफगानिस्तान, पाकिस्तान और ईरान जैसे मुल्कों के हालात उन्हें फूंक-फूंककर कदम उठाने को प्रेरित करेंगे। इस ऐतिहासिक मौके पर वाशिंगटन में 10 लाख से अधिक लोगों के जमा होने की संभावना है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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