गाजा में आक्रमण समाप्त करने का निर्णय केवल इजरायल लेगा : मंत्री (लीड-1)
समाचार एजेंसी डीपीए के अनुसार लिवनी ने सोमवार सुबह इजरायली रेडियो से कहा कि वे यह स्वीकार नहीं करेंगी कि आतंकवाद के खिलाफ जंग को खत्म करने के लिए संयुक्त राष्ट्र निर्णय लेगा।
संभावना है कि गाजा में तत्काल संघर्ष विराम लागू करने के लिए संयुक्त राष्ट्र के बढ़ते दबाव के कारण इजरायल वहां जारी सैन्य कार्रवाई जल्द समाप्त कर सकता है।
लिवनी ने कहा कि गाजा पर कार्रवाई आतंकवादियों के खिलाफ इजरायल के प्रतिरोध को मजबूत बनाने के साथ ही हमास की राकेट हमले करने की क्षमता को कम करेगी। इससे प्रगतिशील इस्लामी संगठनों और हमास के बीच समीकरण भी बदलेगा।
लिवनी ने हथियारों की तस्करी रोकने में मिस्र से और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय का सहयोग मांगते हुए कहा कि हथियारों की तस्करी ईरान से हो रही है।
प्रधानमंत्री एहुद ओल्मर्ट ने रविवार को कहा था कि इजरायल गाजा पट्टी में अपना लक्ष्य हासिल करने के करीब पहुंच गया है। वह अपना अभियान तब तक जारी रखेगा जब तक दक्षिणी क्षेत्रों को रॉकेट हमलों के खतरे से छुटकारा नहीं दिला देता।
ओल्मर्ट ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की ओर से किए जा रहे संघर्षविराम के अनुरोधों को खारिज करते हुए कहा, "हमें नैतिकता का पाठ पढ़ाने वाले देशों समेत दुनिया के किसी भी देश ने हमारे जितने संयम का परिचय नहीं दिया है।"
इजरायल ने शनिवार रात गाजा पट्टी में 60 से ज्यादा हवाई हमले किए थे। इनमें पांच फिलीस्तीनी मारे गए थे और छह अन्य घायल हो गए थे। इजरायली सुरक्षा बलों द्वारा जमीनी हमले तेज करने और उनके घनी बसावट वाले इलाकों की ओर बढ़ने की भी खबर है।
गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने पत्रकारों को बताया कि इस संघर्ष में 854 फिलीस्तीनी मारे जा चुके हैं। इनमें 270 बच्चे, 68 महिलाएं और 90 वृद्ध शामिल हैं। इसके अलावा 400 बच्चों समेत करीब 4000 लोग घायल हो गए।
इस बीच न्यूयार्क के एक मानवाधिकार संगठन ने इजरायल पर गाजा में हमलों के दौरान सफेद फास्फोरस का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। इजरायल ने इस आरोप का खंडन किया है। इस संघर्ष में इजरायल के 10 सैनिकों समेत 13 लोग मारे गए हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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