खगोल विज्ञान की बारीकियों में गहरी दिलचस्पी रखते हैं गोवावासी
मायाभूषण नागवेनकर
पणजी, 9 जनवरी(आईएएनएस)। दशकों पहले जब एक जीर्ण-शीर्ण सरकारी इमारत में बने एक छिद्र से सितारों को झांकने का सिलसिला शुरू हुआ था तो किसी को अंदाजा नहीं था कि कई लोगों के लिए यह गंभीर मिशन में तब्दील हो जाएगा। आज गोवा में खगोल विज्ञान में रुचि रखने वाले लोगों का संगठन विशाल हो चुका है।
खगोल विज्ञान में दिलचस्पी रखने वाले लोगों के संगठन एसोसिएशन ऑफ फ्रेंड्स ऑफ एस्ट्रोनॉमी (एएफए) के लिए खुशी की बात यह है कि वर्ष 2009 को इंटरनेशनल ईयर ऑफ एस्ट्रोनॉमी घोषित किया गया है। एएफए के सचिव सतीश नायक ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, "हमारे पूर्वज धरती की बजाए आकाश के बारे में अधिक सजग थे। जहां धरती का नक्शा 400 वर्ष पहले तैयार किया गया, वहीं आकाश का नक्शा इससे 600 वर्ष पहले ही तैयार कर लिया गया था।"
उन्होंने आगे बताया, "इस साल इस मौके पर खगोल विज्ञान को लेकर कई तरह की गतिविधियां देखी जाएंगी। इस विज्ञान पर आधारित एक फिल्म महोत्सव के अलावा फोटोग्राफी पर एक कार्य शिविर का आयोजन भी किया जाएगा। हम बच्चों की दिलचस्पी बढ़ाने के लिए कई कार्यक्रम आयोजित करेंगे।"
एएफए के एक किशोर सदस्य विशाल खांडेपारकर ने एक ऐसा पंचांग तैयार करने का दावा किया है जिसके आधार पर सितारों की वास्तविक स्थिति का पता लगाया जा सकता है। यह संगठन खगोल विज्ञान की लोकप्रियता बढ़ाने में वर्षो से सक्रिय रहा है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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