प्रवासी सम्मेलन में अपने राज्यों की निवेश जरूरतों पर जोर देते रहे मंत्री
चेन्नई, 9 जनवरी (आईएएनएस)। प्रवासी भारतीयों के सम्मेलन में विभिन्न राज्यों के वरिष्ठ मंत्रियों ने अपने-अपने राज्यों की निवेश जरूरतों पर जोर दिया। कई मंत्री तो अपनी बात रखने में इतने मशगूल नजर आए कि उन्होंने हद से ज्यादा लंबा भाषण दे डाला।
राज्यों के मंत्रियों में प्रवासी मेहमानों को निवेश के लिए आकर्षित करने में होड़ लगी रही। सम्मेलन के अंतिम दिन इन मंत्रियों ने अपने-अपने राज्यों के निवेश माहौल और सरकारी निवेश नीति से प्रतिनिधियों को अवगत कराया। कई मंत्रियों ने कार्यक्रम में ऐसी आंकड़ेबाजी की कि वहां मौजूद मेहमानों के चेहरे पर ऊब की रेखा साफ दिखाई देने लगी। कई को ऐसा भाषण नीरस और उचाट कर देने वाला महसूस हुआ।
सत्र के अध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने इन मंत्रियों से समय का ख्याल रखने की अपील भी कि पर कई वक्ता भाषणबाजी की रौ में इस कदर बह गए कि उन्हें घड़ी देखने की फुर्सत नहीं मिले।
तमिलनाडु के बिजली मंत्री आरकोट एऩ वीरासामी ने इसका जरूर ख्याल रखा और उन्होंने अपना भाषण 30 सेकेंड से भी कम समय में यह कहकर समाप्त कर दिया कि राज्य के मुख्यमंत्री एक दिन पहले प्रवासियों तक अपनी बात पहुंचा चुके हैं, इसलिए उन्हें फिर से लंबा भाषण देने की कोई जरूरत नहीं है। इस पर उत्साहित होकर प्रतिनिधियों ने खूब ताली बजाई।
सम्मेलन में हरियाणा के बिजली, जल, सफाई और संसदीय मामलों के मंत्री रणदीप सिंह सुरजेवाला ने गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के इस बयान को चुनौती दे डाली कि दोहरे अंक में विकास दर हासिल करने वाला एकमात्र राज्य गुजरात ही है। उन्होंने कहा कि हरियाणा भी ऐसी उपलब्धि हासिल करने वाला राज्य है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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