ब्रिटेन में ब्याज दर न्यूनतम स्तर पर

बैंक ऑफ़ इंग्लैंड ने दर दो फ़ीसदी से घटाकर 1.5 प्रतिशत की है. 1954 के बाद पहली बार हुआ है कि दर दो प्रतिशत से कम हो गई है.
अक्तूबर में बैंक ऑफ़ इंग्लैंड की बयाज दर पाँच फ़ीसदी थी और उसके बाद इसे चार बार घटाया जा चुका है.
इस फ़ैसले के बारे में बैंक ने कहा है," 2008 की चौथी तिमाही में व्यवसायिक गतिविधियों में गिरावट आई थी और नए साल के पहले हिस्से में भी गिरावट जारी रहेगी. रिटेलरों के सर्वेक्षण से पता चलता है कि उपभोक्ता कम पैसा ख़र्च कर रहे हैं."
बीबीसी के आर्थिक मामलों के संपादन ह्यू पिम का कहना है," नवंबर और दिसंबर में बयाज दर में गिरावट के बाद बैंक ऑफ़ इंग्लैंड अब संभल कर क़दम रख रहा है. ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि अब बैंक कुछ दिनों तक इस बात का मुआयना करेगा कि पिछले कुछ महीनों में बयाज दर में गिरावट का क्या असर पड़ा है."
गिरावट
वहीं वरिष्ठ अर्थशास्त्री हेतल मेहता के मुताबिक बयाज दर घटाने का क़दम उचित है लेकिन वो मानते हैं कि बैंक ऑफ़ इंग्लैंड को यहीं नहीं रुक जाना चाहिए.
उनका कहना है कि सर्वेक्षण बताते हैं कि आर्थिक गतिविधि में गिरावट आई है इसलिए आने वाले महीनों में बैंक ऑफ़ इंग्लैंड को बयाज दर एक फ़ीसदी या उससे कम भी करनी चाहिए.
बयाज दर कम होने से ब्रिटेन में मॉर्गेज का भुगतान करने वाले उपभोक्ताओं को फ़ायदा होगा. मसलन जिन लोगों को 150000 पाउंड का मॉर्गेज देना है उन्हें हर महीने 76 पाउंड कम देने होंगे. ये फ़ायदा ट्रेकर डील के तहत आने वाले लोगों को मिलेगा.
बयाज दर कम करने का फ़ैसला ऐसे समय आया है जब ब्रितानी वित्त मंत्रालय इन ख़बरों का खंडन कर रहा है कि वो अर्थव्यवस्था में और पैसा लगाने जा रहा है.
मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक पैकेज की घोषणा को सिरे से नकारा नहीं जा सकता लेकिन अभी ये एजेंडा पर नहीं है.












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