पाकिस्तान ने भारत का आरोप ख़ारिज किया

पाकिस्तान ने कहा है कि ये आरोप ग़ैरज़िम्मेदाराना हैं और यह तय है कि इससे दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ेगा.
उल्लेखनीय है कि भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने मंगलवार की सुबह मुख्यमंत्रियों के सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा था कि मुंबई हमलों में 'पाकिस्तान की किसी सरकारी एजेंसी' से मदद मिलने के संकेत हैं.
मनमोहन सिंह ने कड़े शब्दों का प्रयोग करते हुए कहा था कि 'पाकिस्तान ने आतंकवाद को सरकारी नीति के तौर पर इस्तेमाल किया है.'
उधर भारत ने सबूत के तौर पर पाकिस्तान को जो सामग्री सौंपी है, उसके बारे में पाकिस्तान के विदेश सचिव ने कहा है कि जो कुछ दिया गया है वो जानकारियाँ हैं, सबूत नहीं.
आपत्ति
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के बयान पर पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने कड़ी प्रतिक्रिया ज़ाहिर की है.
अपने बयान में विदेश मंत्रालय ने कहा है, "भारत के प्रधानमंत्री ने दिल्ली में पाकिस्तान के ख़िलाफ़ जो दुर्भाग्यपूर्ण आरोप लगाए हैं उसे पाकिस्तान सरकार सिरे से ख़ारिज करती है."
पाकिस्तान की ओर से दिए गए सहयोग के प्रस्ताव और रचनात्मक प्रस्तावों का जवाब देने की जगह भारत ने दुष्प्रचार का रास्ता अपनाया है पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय
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इस बयान में कहा गया है, "पाकिस्तान की ओर से दिए गए सहयोग के प्रस्ताव और रचनात्मक प्रस्तावों का जवाब देने की जगह भारत ने दुष्प्रचार का रास्ता अपनाया है."
पाकिस्तान ने कहा है कि प्रधानमंत्री के इस बयान से न केवल दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ेगा बल्कि इससे मुंबई हमलों की गंभीर और निष्पक्ष जाँच की संभावनाएँ भी ख़त्म होंगीं.
विदेश मंत्रालय के बयान में कहा गया है, "पाकिस्तान की या उसकी किसी भी संस्था की निंदा करना अनुचित और अस्वीकार्य है. इससे निश्चित तौर पर आतंकवाद से साझा लड़ाई का रास्ता बंद होता है."
इस बयान में कहा गया है कि 'पाकिस्तान आतंकवाद का शिकार है' न कि 'आतंकवाद का प्रायोजक'.
सबूत का जवाब
उधर भारत की ओर से जो दस्तावेज़ पाकिस्तान को मुंबई हमलों के सबूत के तौर पर सौंपे गए थे, उस पर पाकिस्तान की ओर से दो तरह की प्रतिक्रियाएँ आई हैं.
इसे खारिज करने या इसके बारे में कुछ और करने का अभी सवाल ही नहीं है, हमें जो सामग्री दी गई है हम उसकी पड़ताल कर रहे हैं दिल्ली में पाकिस्तानी राजदूत
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एक में कहा गया है कि भारत ने जो सामग्री दी है उसकी जाँच की जा रही है और दूसरी प्रतिक्रिया में कहा गया है कि जो कुछ दिया गया है वह जानकारी है, सबूत नहीं.
पहली प्रतिक्रिया भारत में पाकिस्तान के राजदूत शाहिद मलिक की ओर से आई है.
उन्होंने इसे 'सबूत' कहने से परहेज़ किया और अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "इसे खारिज करने या इसके बारे में कुछ और करने का अभी सवाल ही नहीं है, हमें जो सामग्री दी गई है हम उसकी पड़ताल कर रहे हैं."
दूसरी ओर पाकिस्तान के विदेश सचिव सलमान बशीर ने भारत के दस्तावेज़ों को सबूत मानने से ही इनकार कर दिया है.
उन्होंने कहा, "भारत ने जो सामग्री दी है वह सूचना है, सबूत नहीं."
भारत ने ये दस्तावेज़ उन देशों को भी भेजे हैं जिनके नागरिक 26 नवंबर को हुए हमलों में मारे गए थे.












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