कम अनुभवी अधिकारी को सीआईए प्रमुख बनाने पर विवाद
अरुण कुमार
वाशिंगटन, 6 जनवरी(आईएएनएस)। नवनिर्वाचित राष्ट्रपति बराक ओबामा ने एक कम अनुभवी व्यक्ति को देश की शीर्ष खुफिया एजेंसी सेंट्रल इंटेलीजेंस एजेंसी(सीआईए) का प्रमुख चुनकर विवाद खड़ा कर दिया है। उनकी पार्टी के कई नेता भी इस चयन से खुश नहीं हैं।
बिल क्लिंटन के कार्यकाल में व्हाइट हाउस के चीफ ऑफ स्टाफ रहे लियोन ई़ पनेटा को सीआईए प्रमुख के तौर पर चुना गया है। 70 वर्षीय पनेटा की नियुक्ति के फैसले से ओबामा की डेमोक्रेटिक पार्टी के कई नेता भी खुश नहीं हैं। वे दबे स्वर में इसका विरोध कर रहे हैं।
बीते साल अगस्त में पनेटा ने 'वाशिंगटन मंथली' नामक पत्रिका में लिखे एक आलेख में बुश प्रशासन की आतंकवादियों के प्रति सख्त नीति की आलोचना की थी। इससे पहले जुलाई, 2006 में उन्होंने 'मोनेटरी कंट्री हेराल्ड' में एक आलेख लिखा था जिसमें आतंकवाद निरोधक कानूनों की बुश प्रशासन की व्याख्या की आलोचना की गई थी। कई समीक्षकों का मानना है कि बुश प्रशासन की नीतियों की हद से ज्यादा आलोचना करने के कारण भी पनेटा की इस पद की उम्मीदवारी को गंभीरता से लिया गया।
सीनेट की खुफिया समिति के पूर्व प्रमुखों ने उनके चयन पर चिंता जताई है। उनका मानना है कि जासूसी सेवा के क्षेत्र में पनेटा का अनुभव गहरा नहीं है। गुप्तचर सेवा से संबद्घ सीनेट की चयन समिति के प्रमुख डेमोक्रेट नेता डायने फिंस्टीन का कहना है, "मुझे इस चयन की पूर्व जानकारी नहीं दी गई।" एक और डेमोक्रेट नेता जॉन डी. रॉकफेलर चतुर्थ के एक सहयोगी ने बताया कि रॉकफेलर इस चयन से थोड़े नाराज हैं।
इंडो-एषियन न्यूज सर्विस।












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