बिहार सरकार वहन कर रही थी गोस्वामी के इलाज का खर्च (लीड-1)
कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग के सचिव आमिर सुबहानी ने आईएएनएस को बताया कि गोस्वामी के इलाज में हो रहे खर्च का भुगतान बिहार सरकार द्वारा किया जा रहा था। उन्होंने बताया कि यह सिलसिला लगभग एक वर्ष से चल रहा था।
गोस्वामी उस समय चर्चा में आए थे जब उन्होंने चुनाव आयोग के निर्देशानुसार 6 अप्रैल 2006 को पटना के गांधी मैदान में तत्कालीन उप-प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी की चुनावी सभा रात 10 बजे के बाद रोक दी थी।
वर्ष 2005 में 'टाइम्स' पत्रिका द्वारा 'एशियन हीरो' घोषित किए गए गोस्वामी भारतीय प्रशासनिक सेवा के 1991 बैच के अधिकारी थे।
गोस्वामी पर वर्ष 2004 में उत्तरी बिहार में बाढ़ पीड़ितों की राहत के लिए जारी राशि में हेराफेरी करने का आरोप था। वर्ष 2005 में राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू होने के बाद राज्य सतकर्ता ब्यूरो को इस मामले की जांच के आदेश दिए गए थे।
मई 2005 में गोस्वामी तथा 27 अन्य लोगों के खिलाफ प्राथमिक सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज की गई थी। गोस्वामी तथा मुख्य आरोपी, राहत सामग्री आपूतिकर्ता संतोष झा सहित सभी आरोपियों ने बाद में आत्मसमर्पण कर दिया था और उन्हें जेल भेज दिया गया था।
एक वर्ष से अधिक समय जेल में बिताने के बाद पटना उच्च न्यायालय ने वर्ष 2006 में गोस्वामी को जमानत दे दी थी। पिछले महीने बिहार सरकार ने गोस्वामी के खराब स्वास्थ्य के मद्देनजर उनका निलंबन भी रद्द कर दिया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications