पाकिस्तान में जम्हूरियत के बुनियादी हक से महरूम हैं महिलाएं!
पाकिस्तानी नेशनल असेंबली की बात करें तो इसमें महिलाओं को रहनुमाई 21 प्रतिशत है। यह दक्षिण एशिया ही नहीं बल्कि पूरे विश्व की संसदीय प्रणाली में महिलाओं के औसत नेतृत्व से कहीं ज्यादा है। परंतु पाकिस्तान में जमीनी हकीकत कुछ और है।
मशहूर पाकिस्तानी अखबार 'डॉन' ने हाल ही में अपने संपादकीय में कहा था, "उत्तर पश्चिम सीमावर्ती प्रांत, सिंध और बलूचिस्तान में पुरुषों का सियासत पर एकतरफा दबदबा है। इन जगहों पर निष्पक्ष चुनाव की उम्मीद करना बेहद मुश्किल है।"
सितंबर, 2005 में पाकिस्तान के सभी राजनीतिक दलों की महिला प्रतिनिधियों ने कराची में एक रैली का आयोजन किया था और महिलाओं को संसद में 33 प्रतिशत नुमाइंदगी देने की मांग की थी।
इस संदर्भ में अखबार ने कहा कि राजनीतिक दल एक तरफ तो महिलाओं को लेकर अपना एक अलग नजरिया पेश करते हैं और दूसरी ओर इन्हीं लोगों ने महिलाओं के मताधिकार तक को मानो गिरवी रख लिया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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