इस्लामाबाद से लश्कर की स्वीकारोक्ति पर स्पष्ट नजरिया अपनाने की अपील
शनिवार को अपने संपादकीय में डान ने कड़े शब्दों में लिखा है कि जब तक इस्लामाबाद शाह की स्वीकारोक्ति व 26 नवंबर के मुंबई हमले के जांच परिणाम पर स्पष्ट नजरिया नहीं अपनाता, तब तक पाकिस्तान उस आलोचना का मुकाबला नहीं कर पाएगा, जिसकी हकीकत अभी अस्पष्ट हैं। इस तरह हमें तब तक मुंबई हमले का आरोपी ठहराया जाता रहेगा, जब तक हम बेगुनाह साबित नहीं हो जाते।
संपादकीय में आगे लिखा गया है, "यह एक ऐसा क्षण है, जहां पाकिस्तान को पल भर रुक कर देश की दिशा तय करनी चाहिए। यह अतिआवश्यक है।"
संपादकीय में कहा गया है, "आपस में एक-दूसरे की टांग खींचने से कुछ भी हाथ नहीं लगने वाला है। हमें यह बताने की जरूरत है कि हमारी अपनी जांच में कहां तक, क्या किया गया है।"
संपादकीय में यह भी लिखा गया है कि जब तक जांच के सभी पक्ष सामने नहीं आ जाते, तब तक इस तरह के संवेदनशील मामले में पूर्ण खुलासे की भी जरूरत नहीं है।
लेकिन जांच की एक प्रगति रिपोर्ट फिलहाल वक्त की मांग है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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