लिट्टे के राजनीतिक गढ़ किलीनोच्चि में सेना घुसी
रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में दावा किया है, "किलीनोच्चि का पतन कभी भी हो सकता है, क्योंकि सेना के जवान इस इलाके में दाखिल हो चुके हैं। सेना ने किलीनोच्चि को उत्तर, दक्षिण और पश्चिम से घेर लिया है। सेना ने इस इलाके को लिट्टे से मुक्त कराने के लिए बहुस्तरीय रणनीति बनाई है।"
किलीनोच्चि देश की राजधानी से 350 किलोमीटर दूर है। इससे पहले सेना नजदीक के परानठान और इरानैमाडू को फतह कर चुकी है। अधिकारियों का मानना है कि विद्रोहियों के सामने पुथुकुडुइरप्पु और विश्वमाडू के जंगल की ओर भागने के अलावा दूसरा कोई और चारा नहीं रह गया है।
सेना पूरी आक्रामकता के साथ आगे बढ़ रही है। बयान में कहा गया है कि इस ठिकाने पर कब्जा जमाकर सेना लिट्टे की रीढ़ तोड़ने में सफल हो जाएगी। लिट्टे के लिए किलीनोच्चि का पतन 13 साल पहले जाफना के पतन से भी अधिक बड़ी हार मानी जाएगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
*












Click it and Unblock the Notifications