संघ और भाजपा नेताओं के बीच चुनावी मंत्रणा
नई दिल्ली, 2 जनवरी (आईएएनएस)। लोकसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के आला नेताओं की राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ अधिकारियों से शुक्रवार को लंबी मंत्रणा हुई। इस दौरान संघ ने जहां भाजपा की चुनावी तैयारियों व चुनावी मुद्दों का जायजा लिया वहीं भाजपा नेताओं को आपसी कलह और दामन दागदार करने वाली घटनाओं से बचने की सलाह दी।
भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार लालकृष्ण आडवाणी के निवास पर लगभग पांच घंटे चली इस बैठक के बारे में औपचारिक तौर पर यही बताया गया कि इस प्रकार की बैठकें अक्सर हुआ करती हैं ताकि पार्टी और संघ में समन्वय बना रहे।
बैठक से पहले पार्टी के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने आईएएनएस को बताया, "इस बैठक में लोकसभा चुनाव की तैयारियों के बारे में चर्चा होगी।"
सूत्रों की मानें तो बैठक में संघ ने भाजपा की चुनावी तैयारियों का जायजा लिया। भाजपा की तरफ से संघ के नेताओं को पार्टी के चुनावी घोषणा पत्र के बारे में विस्तार से बताया गया। ज्ञात हो कि इससे पहले सुबह हुई पार्टी की संसदीय बोर्ड की बैठक में वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी ने पार्टी के चुनावी घोषणा पत्र के बारे में प्रस्तुतीकरण दिया था।
सूत्रों के मुताबिक संघ नेताओं ने भाजपा से दो टूक कहा है कि विचारधारा से जुड़े मुद्दों पर वह कोई समझौता नहीं करेगा। इसके अलावा संघ ने ईसाई मिशनरियों के बढ़ते प्रभाव, बांग्लादेशी घुसपैठ की समस्या, राम सेतु विवाद, श्रीअमरनाथ श्राइन बोर्ड मामला, आतंकवाद, मुस्लिम तुष्टिकरण जैसे मुद्दों को प्रमुखता देने की भाजपा को सलाह दी है।
सूत्रों का कहना है कि संघ के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाजपा को आपसी कलह और दामन को दागदार करने वाली घटनाओं से बचने और बेहतर समन्वय कायम करने की नसीहत दी है।
इस बैठक में संघ की ओर से सह कार्यवाह मोहन भागवत और सह सर कार्यवाह सुरेश सोनी मौजूद थे जबकि भाजपा की ओर से आडवाणी के अलावा पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह, पूर्व अध्यक्ष मुरली मनोहर जोशी, पूर्व अध्यक्ष वेंकैया नायडू, महासचिव अरुण जेटली, महासचिव अनंत कुमार, वरिष्ठ नेता सुषमा स्वराज और संगठन महामंत्री रामलाल मौजूद थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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