लिट्टे के राजनीतिक गढ़ किलिनोच्ची का पतन अनिवार्य : श्रीलंका (लीड-2)
कोलंबो, 1 जनवरी (आईएएनएस)। श्रीलंका ने गुरुवार को कहा है कि लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (लिट्टे) के राजनीतिक गढ़ किलिनोच्ची का पतन अनिवार्य है। नववर्ष के अवसर पर सेना ने रणनीतिक महत्व के एक ठिकाने पर कब्जा कर लिया है।
श्रीलंकाई सेना ने गुरुवार सुबह किलिनोच्ची की ओर बढ़ते हुए लिट्टे के प्रमुख रणनीतिक ठिकाने परानठान और इरानईमादु पर कब्जा जमा लिया है। यह कस्बा लिट्टे के राजनीतिक ठिकाने किलिनोच्ची के काफी निकट है। इस लड़ाई में 50 लिट्टे विद्रोहियों की मौत हुई और 100 घायल हो गए।
रक्षा मंत्रालय के बयान के अनुसार गुरुवार सुबह परानठान पर कब्जे के बाद इरानईमादु पर जीत किलिनोच्ची की दिशा में अगला कदम है।
परानठान किलिनोच्चि से महज 4़ 5 किलोमीटर ही दूर है। जाफना-कैंडी ए-9 राजमार्ग पर स्थित इस इलाके को लिट्टे का प्रमुख गढ़ माना जाता रहा है। सैन्य सूत्रों के मुताबिक परानठान को फतह करने की मुहिम मंगलवार की सुबह शुरू हुई।
इस सैन्य कार्रवाई में लड़ाकू विमानों का भी इस्तेमाल किया गया। परानठान पर वायुसेना की ओर से जोरदार बमबारी भी की गई। सेना ने परानठान के आपूर्ति तंत्र को भी भंग कर दिया है।
श्रीलंकाई सेना की इस विजय से लिट्टे के अंतिम महत्वपूर्ण ठिकाने किलिनोच्ची पर कब्जा करने का रास्ता आसान हो जाएगा। लिट्टे ने सेना के विजय के दावे पर कोई टिप्पणी नहीं की है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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