सशस्त्र सेनाओं का अलग वेतन आयोग बनेगा (लीड-1)
नई दिल्ली, 1 जनवरी (आईएएनएस)। सशस्त्र सेनाओं के लिए एक अलग वेतन आयोग का गठन किया जाएगा। इसके साथ ही सरकार पांच साल बाद अन्य सरकारी कर्मचारियों के वेतन के निरीक्षण लिए गठित किए जाने वाले आयोग से रक्षा कर्मियों के वेतन की समीक्षा को अलग करने पर सहमत हो गई है।
बहरहाल इस संबंध में औपचारिक अधिसूचना अभी भी जारी नहीं हुई है।
थलसेना के लेफ्टिनेंट कर्नल और उसके समकक्ष नौसेना तथा वायुसेना के अधिकारियोंके वेतन बढ़ाने की सूचना के साथ ही प्रधानमंत्री कार्यालय ने अलग वेतन आयोग के गठन के निर्णय से अवगत कराने के लिए कैबिनेट सचिव को बुधवार को पत्र भेजा है।
एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने गुरुवार को आईएएनएस से कहा, "सरकार इस पर सहमत हो गई है कि भविष्य में सशस्त्र सेनाओं के लिए एक अलग वेतन आयोग गठित किया जाएगा।"
सरकार इस पर भी सहमत हो गई है कि पिछले साल छठे वेतन आयोग द्वारा सुझाए गए वेतनमान से एक पायदान ऊपर के वेतनमान (37,400-67,000) में लेफ्टिनेंट कर्नलों को शामिल किया जाएगा।
अधिकारी ने कहा, "प्रतिनियुक्ति पर तैनात लेफ्टिनेंट कर्नल को अपनी मूल सेवा में लौटने पर यह वेतनमान दिया जाएगा।"
अधिकारी ने कहा कि सशस्त्र सेनाओं, अर्धसैनिक बलों और अन्य सरकारी कर्मचारियों से जुड़े मामलों के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि सेना लेफ्टनेंट कर्नल के वेतन को बढ़ाने की मांग कर रही थी। जिससे ये अपने समकक्ष अर्धसैनिक बलों और नागरिक अधिकारियों के समान वेतनमान में शामिल हो सकें। सशस्त्र सेनाओं ने इस निर्णय का स्वागत किया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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