छत्तीसगढ़ में 15 हजार महिला नक्सलवादी सक्रिय (लीड-1)
सुजीत कुमार
रायपुर, 31 दिसम्बर (आईएएनएस)। छत्तीसगढ़ में करीब 15 हजार महिला नक्सलवादी हैं और राज्य सरकार के खिलाफ आतंकवादी गतिविधियों में उनकी एक महत्वपूर्ण भूमिका है। पुलिस अधिकारियों और विशेषज्ञों का कहना है कि हजारों की संख्या में नाबालिग लड़कियों को जबरन नक्सलवादी बनाया गया है।
बस्तर इलाके में जब नक्सलवादियों का पूर्ण नियंत्रण था, तो वे हर परिवार से एक लड़के या लड़की को संगठन में शामिल करते थे। परंतु अब उनके इस कार्य का विरोध होना आरंभ हो गया है।
राज्य के पुलिस महानिदेशक विश्व रंजन ने आईएएनएस से एक विशेष बातचीत में कहा, "करीब 50 हजार सशस्त्र नक्सलवादियों में 30 प्रतिशत यानी करीब 15 हजार महिला नक्सलवादी हैं। इनकी आम नागरिकों और पुलिस पर हमला करने में सक्रिय भागीदारी होती है।"
जुलाई 2007 में राज्य के पुलिस प्रमुख का पद संभालने से पहले रंजन खुफिया ब्यूरो (आईबी) में अतिरिक्त निदेशक के पद पर तैनात थे। उन्होंने कहा, "मोटे तौर पर राज्य में सैन्य प्रशिक्षण प्राप्त 10 हजार नक्सलवादी हैं, जिनके पीछे करीब 35 से 40 हजार सशस्त्र नक्सलवादी हैं।"
उन्होंने कहा कि विद्रोही महिलाओं का गुट 'क्रांतिकारी आदिवासी महिला संघ' प्रतिबंधित भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी-माओवादी (भाकपा-माओवादी) का अग्रणी धड़ा है। इसकी सभी बड़े हमलों में महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
सन 1973 के बैच के भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी रंजन ने कहा कि हालांकि देश के कई राज्यों में नक्सलवाद है लेकिन छत्तीसगढ़ को नक्सलवाद का गढ़ कहा जा सकता है। करीब 40,000 वर्ग किलोमीटर इलाके में फैले बस्तर क्षेत्र में ही नक्सलवादियों का अधिक प्रभाव है। वर्ष 2004 के बाद से नक्सलवादी इस इलाके में 1,100 लोगों की हत्या का चुके हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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