राजधानी में पूर्वोत्तर के युवा हो रहे हैं प्रताड़ित
नई दिल्ली, 29 दिसम्बर (आईएएनएस)। देश के पूर्वोत्तर राज्यों से आकर राजधानी और उसके आसपास के क्षेत्रों के विभिन्न संस्थानों में काम कर रहे युवा कार्यस्थलों पर प्रताड़ित हो रहे हैं। पूर्वोत्तर के युवाओं की सहायता के लिए बने एक सगंठन ने इसका खुलासा किया है।
'नार्थइस्ट सपोर्ट सिस्टम' (एनएससी) नामक इस संगठन का कहना है कि विभिन्न संस्थानों में काम करने वाले चार में से एक युवा यहां अपनी शिकायत दर्ज करा रहे हैं।
एनएससी का कहना है कि गुड़गांव और नोएडा में स्थित विभिन्न कॉल सेंटरों में काम करने वाले पूर्वोत्तर के युवाओं की शिकायत है कि उन्हें उनके संबंधित कार्यालयों में प्रताड़ित किया जाता है।
एनएससी से जुड़ी मधु चंद्रा ने आईएएनएस से कहा, "पूर्वोत्तर के युवा लगातार अपनी शिकायत एनएससी में दर्ज कराते हैं। इन युवाओं को प्रबंधन बिना सूचना के प्रत्येक हफ्ते नौकरी छोड़ने के लिए कहता है।" उन्होंने कहा कि इन युवाओं को यह पता नहीं है कि ये अपनी शिकायत कहां करें।
उल्लेखनीय है कि नौकरी की खोज में राजधानी में प्रत्येक वर्ष सैकड़ों की संख्या में पूर्वोत्तर से युवा पहुंचते हैं। दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में लगभग 85,000 पूर्वोत्तर से आए लोग रहते हैं। प्रत्येक वर्ष केवल दिल्ली विश्वविद्यालय में 4,000 से अधिक युवा दाखिला लेते हैं।
पूर्वोत्तर की युवतियों की शिकायतों पर ध्यान देते हुए राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष गिरिजा व्यास ने भी विभिन्न कॉल सेंटरों को इस संबंध में पत्र लिखा है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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