नेपाल में मीडियाकर्मियों ने हड़ताल वापस ली, विपक्ष का बंद का आह्वान
एक निजी मीडिया हाउस पर माओवादी मजदूर यूनियन नेताओं के नेतृत्व में एक समूह द्वारा किए गए हमले के बाद पिछले सप्ताह नेपाली पत्रकारों ने राष्ट्रव्यापी आंदोलन शुरू कर दिया था। पत्रकारों द्वारा राजधानी काठमांडू में आयोजित एक रैली पर सुरक्षाकर्मियों ने लाठी चार्ज भी किया था।
पिछले मंगलवार को प्रमुख समाचार पत्रों ने हमले के विरोध में संपादकीय की जगह खाली छोड़ दी थी। रेडियो व टेलीविजनों पर हेडलाइन्स नहीं प्रसारित किए गए थे। हाथों में काली पट्टी बांधे पत्रकारों ने एक रैली आयोजित की थी।
माओवादी सरकार में सूचना व संचार मंत्री कृष्ण बहादुर महारा व पत्रकार संगठनों के बीच रविवार की रात हुई एक बातचीत में सरकार की ओर से हमलावरों की गिरफ्तारी का आश्वासन दिए जाने के बाद पत्रकारों ने आंदोलन वापस लेने की घोषणा की।
नेपाल के शीर्ष दैनिक 'कांतिपुर' के बिराटनगर स्थित पूर्वी कार्यालय पर कब्जा जमाए माओवादी मजदूर यूनियन के कार्यकर्ताओं ने भी इस दैनिक को तथा इसके सहयोगी अंग्रेजी पत्र 'काठमांडू पोस्ट' को सोमवार से प्रकाशन शुरू करने की स्वीकृति दे दी।
इस समझौते के बाद माओवादी सरकार को जैसे ही थोड़ी राहत के संकेत मिले, पूर्व प्रधानमंत्री गिरिजा प्रसाद कोईराला की नेपाली कांग्रेस ने पश्चिमी नेपाल के पल्पा जिले में बंद का आह्वान कर दिया।
इस महीने से संसद का बहिष्कार कर रही मुख्य विपक्षी पार्टी, नेपाली कांग्रेस ने अपने एक पूर्व विधायक सहित कई नेताओं पर माओवादियों के एक युवा धड़े द्वारा एक कॉलेज परिसर में किए गए हमले के लिए माओवादी प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहाल प्रचंड से जवाब मांगा है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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