इंजीनियर की हत्या, विधायक गिरफ़्तार

इंजीनियर मनोज कुमार गुप्त की पत्नी शशि गुप्त ने ज़िले के दिव्यापुर थाने में दर्ज कराई गई प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफ़आईआर) में विधायक शेखर तिवारी और उनके दो समर्थकों पर हत्या का आरोप लगाया था.
सरकार ने इस मामले में दिव्यापुर के थानेदार होशियार सिंह को निलंबित कर दिया है.
चंदा वसूली के लिए पीट-पीट कर की गई कथित हत्या के विरोध में पीडब्ल्यूडी के इंजीनियारों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है.
एक तरफ जहाँ विपक्ष इस घटना को मुख्यमंत्री मायावती के जन्मदिन पर कथित धन संग्रह से जोड़ कर देख रहा है. वहीं सरकार इसे एक सामान्य आपराधिक घटना बता रही है.
घटनाक्रम
मृत इंजीनियर के परिजनों और रिश्तेदारों ने पत्रकारों को बताया कि विधायक शेखर तिवारी काफ़ी दिनों से उनसे दस लाख रुपये चंदा मांग रहे थे. मंगलवार रात विधायक और उनके कुछ साथी औरैया में गैस अथारिटी की आशियाना कॉलोनी स्थित उनके घर गए.
इन लोगों ने घर का दरवाजा तोड़कर इंजीनियर की पत्नी को बाथरूम में बंद कर दिया और इंजीनियर को मारा-पीटा.
उन्हें बिजली के झटके भी दिए गए. विधायक और उनके समर्थक अधमरी हालत में इंजीनियर को गाड़ी पर लाद कर पुलिस थाने पहुँचा दिया.
आरोप विधायक शेखर तिवारी काफ़ी दिनों से उनसे दस लाख रुपये चंदा मांग रहे थे. मंगलवार रात विधायक और उनके कुछ साथी औरैया में गैस अथारिटी की आशियाना कॉलोनी स्थित उनके घर गए और दरवाजा तोड़कर इंजीनियर की पत्नी को बाथरूम में बंद कर दिया. उन लोगों ने इंजीनियर को मारा-पीटा मृत इंजीनियर के परिजन
| |
स्थानीय पत्रकारों के मुताबिक थानेदार विधायक के ख़ासमख़ास हैं. इसलिए उन्होंने विधायक को जाने दिया और अपने वरिष्ठ अधिकारियों को भी इसकी जानकारी नहीं दी.
पुलिस ने इंजीनियर के परिवार वालों को भी काफ़ी देर तक अंधेरे में रखा.
इंजीनियर एसोशिएशन के अध्यक्ष ऐक्यू फारूकी ने बताया कि प्रदेश में लोक निर्माण विभाग के इंजीनियर हड़ताल पर हैं. उनका कहना है कई ज़िलों से इंजीनियर जबरन चंदा वसूली, धमकी और मारपीट की शिकायत कर रहे हैं.
प्रदेश के सरकारी इंजीनियर जिस बात को दबी जुबान से कह रहे हैं विपक्ष उसी बात को आक्रामक ढंग से रख रहा है.
विपक्ष का आरोप
मुख्य विपक्षी समाजवादी पार्टी (सपा) इस पूरे मामले को मुख्यमंत्री मायावती के 15 जनवरी को प्रस्तावित जन्मदिन समारोह पर दिए जाने वाले चंदे से जोड़ कर देख रही है. सपा ने इस मामले पर मुख्यामंत्री से इस्तीफ़ा माँगा है और उनकी संपत्ति की जाँच कराने की माँग की है.
समाजवादी पार्टी के नेता शिवपाल सिंह यादव ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने एक हज़ार करोड़ की वसूली का लक्ष्य अपने मंत्रियों को दिया है.
विपक्ष के इन आरोपों पर मुख्यमंत्री ने अभी तक कोई सफ़ाई नहीं दी है.
प्रदेश के पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी कह रहे हैं कि इस मामले को राजनीति से जोड़ कर न देखा जाए.
कैबिनेट सचिव शशांक शेखर सिंह ने बुधवार को हड़बड़ी में बुलाए गए एक संवाददाता सम्मलेन में मुख्यमंत्री पर विपक्ष के आरोपों की सफाई देते हुए कहा कि इंजीनियर की ह्त्या रात दो बजे हुई. पुलिस को सुबह छह-सात बजे पता चला और तुंरत कार्रवाई शुरू कर दी गई.
मुख्यमंत्री ने एक हज़ार करोड़ रुपये की वसूली का लक्ष्य अपने मंत्रियों को दिया है शिवपाल सिंह यादव, सपा नेता
| |
उन्होंने बताया कि हत्या के इस मामले में सतारूढ़ बहुजन समाज पार्टी के स्थानीय विधायक शेखर तिवारी समेत दो लोग नामजद किए गए हैं.
सरकार की सफ़ाई
उनका कहना था 'यह एक आपराधिक घटना है और किसी भी आपराधिक घटना को राजनीतिक रंग नही दिया जाना चाहिए.''
लेकिन कैबिनेट सचिव पत्रकारों के सवालों का जवाब देते-देते झुंझला गए. पत्रकार जानना चाहते थे कि एफ़आईआर में विधायक पर क्या आरोप लगाए गए हैं? हत्या का मक़सद क्या था?
पत्रकारों ने इंजीनियर से कथित धन वसूली के बारे में भी पूछा.
राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) विक्रम सिंह ने सिर्फ़ यह बताया कि जिस आशियाना कॉलोनी में मनोज कुमार गुप्त रहते थे उसके सुरक्षा गार्ड ने रात तीन बजे विधायक के कॉलोनी में घुसने का रिकार्ड दर्ज किया है.
उन्होंने इस बात की भी पुष्टि कि विधायक शेखर तिवारी ही इंजीनियर को अचेत अवस्था में लेकर पुलिस थाने गए थे. पुलिस उन्हें अस्पताल लेकर पहुंची तो डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के विधायक शेखर तिवारी पर पहले से भी कई आपराधिक मामले चल रहे हैं.












Click it and Unblock the Notifications