विस चुनाव : जम्मू-कश्मीर में खत्म हुआ अंतिम चरण का मतदान (लीड-5)
अंतिम चरण में श्रीनगर की 8 और जम्मू व सांबा की 13 विधानसभा सीटों पर मतदान हुआ। चुनाव अधिकारियों के मुताबिक श्रीनगर में मतदान के दौरान मतदाताओं में उदासीनता का माहौल दिखा। दोपहर दो बजे तक वहां महज 13 फीसदी ही मतदान दर्ज हुआ।
चुनाव अधिकारियों ने बताया कि जम्मू में मतदान को लेकर लोगों में काफी उत्साह दिखा। दोपहर तक वहां 40 फीसदी मतदान दर्ज किया जा चुका था।
जम्मू क्षेत्र में मतदान केंद्रों के बाहर जहां लंबी कतारें देखी गई, वहीं श्रीनगर में अलगाववादियों के चुनाव बहिष्कार के आह्वान से मतदान केंद्र सूने पड़े थे।
चुनाव अधिकारियों का कहना है कि श्रीनगर की विधानसभा सीटों पर दोपहर तक हुए मतदान का प्रतिशत 2002 की अपेक्षाकृत अधिक है। चूंकि 1989 में अलगावादी सक्रिय हुए इसलिए तब से लेकर तक श्रीनगर के किसी भी विधानसभा क्षेत्र में किसी भी चुनाव के दौरान 10 फीसदी तक भी मतदान दर्ज नहीं हुआ था लेकिन बुधवार को कुछ अलग ही दृश्य देखने को मिला।
हजरतबल और सोनावार विधानसभा क्षेत्र में पहले दो घंटों के दौरान महज तीन फीसदी मत पड़े। हजरतबल में 20 फीसदी जबकि सोनावर में 23 फीसदी मतदान दर्ज हुआ। राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कांफ्रेंस के नेता फारुकअब्दुल्ला दोनों विधानसभा सीटों से चुनाव लड़ रहे हैं।
जैदीबल में पांच फीसदी से भी कम, ईदगाह में 9.5 फीसदी, खानयार में 11.4 फीसदी, हब्बा कदल में 6 फीसदी से अधिक और अमीरा कदल में दोपहर दो बजे तक 8 फीसदी मत पड़े। बटमालू में 17 फीसदी मतदाताओं ने अपने मताधिकार का उपयोग किया।
अलगाववादी हुर्रियत कांफ्रेंस की संयुक्त समिति के चुनाव बहिष्कार के आह्वान के कारण श्रीनगर में तनाव दिखा। वहां कुछ छिटपुट विरोध प्रदर्शन भी हुए। श्रीनगर शहर में पुलिस और अलगाववादियों के बीच हल्की झड़पें भी हुई जिसमें कम से कम 14 लोग घायल हुए। श्रीनगर खासकर पुराने शहर में सड़कें खाली रही और बहुत कम वाहन चले।
अधिकारियों ने श्रीनगर जिले में चुनाव कर्मचारियों और सुरक्षा बलों के अतिरिक्त सभी वाहनों का परिचालन बाधित कर दिया।
उधर, जम्मू के रणबीर सिंहपुरा, सांबा, सुचेतगढ़ और अखनूर सेक्टरों की पाकिस्तान से लगी अंतर्राष्ट्रीय सीमा वाले इलाकों में कड़ाके की ठंड और कोहरे के बावजूद बड़ी संख्या में लोग मतदान के लिए बाहर निकले। जम्मू शहर में तो त्योहारों सा माहौल दिखा। जम्मू में मतदान शांतिपूर्ण रहा।
पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद पूर्वी जम्मू विधानसभा क्षेत्र में सबसे पहले मतदान करने वालों में थे। मतदान के बाद उन्होंने कहा, "मुझे पूरा यकीन है कि जम्मू कश्मीर में अगली सरकार कांग्रेस की ही बनेगी।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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