जम्मू में तीन चरमपंथी गिरफ़्तार

पुलिस का कहना है कि दो दिन पहले गिरफ़्तार किए गए इन चरमपंथियों की योजना जम्मू में आत्मघाती हमला करने की थी.
पुलिस महानिदेशक कुलदीप खोड़ा ने मंगलवार को संवाददाताओं को बताया, "घाटी से चरमपंथियों के संपर्क सूत्र ने उन्हें हथियार और गोला बारुद समय पर नहीं दिया इस वजह से उन्होंने अपनी योजना को अंजाम देने में देरी की."
पुलिस का कहना है कि आत्मघाती हमले को अंजाम देने के लिए घाटी के संपर्क सूत्र चरमपंथियों को गोला बारुद से भरे एक ट्रक भी देने वाले थे.
गिरफ़्तार किए गए लोगों के बारे में बताते हुए खोड़ा ने कहा कि सभी लोग पाकिस्तान के हैं और इनमें से एक ग़ुलाम फ़रीद पाकिस्तान की सेना का जवान हैं.
उन्होंने बताया कि ग़ुलाम फ़रीद 'पाकिस्तान के 10 आज़ाद कश्मीर रेजिमेंट' का जवान है जिसका बेल्ट नंबर 4319184 है.
पुलिस के मुताबिक फ़रीद पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर के भिमबेर का रहने वाला है और पाकिस्तान सेना में नौकरी करने से पहले वह हरकत-उल-जेहाद-इस्लामी से जुड़ा हुआ था.
पूछताछ जारी
गिरफ़्तार किए गए अन्य दो लोगों की शिनाख़्त पाकिस्तान के मोहम्मद अब्दुल्ला और मोहम्मद इमरान के रुप में की गई है.
पुलिस का कहना है कि दोनों ही जम्मू के सम्राट होटल में नाम बदल कर रह रहे थे. दोनों ही चरंमपंथियों को जैशे मोहम्मद के संस्थापक मसूद अजहर के भाई मुफ़्ती अब्दुल रौफ़ ने ट्रेनिंग दी थी.
पुलिस के मुताबिक मुफ़्ती अब्दुल रौफ़ ने गिरफ़्तार किए गए लोगों के लिए जाली वीसा और पासपोर्ट की व्यवस्था की थी.
पुलिस का कहना है कि छापे के दौरान उन्हें हथियार और गोला बारुद मिले हैं लेकिन वे उस व्यक्ति की तलाश कर रहे हैं जो घाटी से आकर चरमपंथियो से मिलने वाले थे.
पुलिस का कहना है कि गिरफ़्तार किए गए चरमपंथियों से पूछताछ जारी है.












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