मारग्रेट अल्वा का इस्तीफ़ा मंज़ूर

अल्वा ने अनुशासनात्मक कार्रवाई की आशंकाओं के बीच पार्टी महासचिव के पद से इस्तीफ़ा दे दिया था.
कांग्रेस अध्यक्ष ने मारग्रेट अल्वा को पार्टी की कार्यसमिति और केंद्रीय चुनाव समिति से भी हटा दिया है.
समाचार एजेंसी यूएनआई से कांग्रेस प्रवक्ता जयंती नटराजन ने कहा, "उनका इस्तीफ़ा स्वीकार कर लिया गया है."
उन्होंने कहा कि उन्हें बाहर का रास्ता नहीं दिखाया गया है बल्कि उन्होंने स्वयं इस्तीफ़ा दिया है.
फेरबदल
अल्वा के इस्तीफ़े के बाद कांग्रेस अध्यक्ष ने अस्थायी तौर पर एके एंटनी को महाराष्ट्र, मोतीलाल वोरा को हरियाणा, मोहसिना किदवई को पंजाब-चंडीगढ़ और ऑस्कर फ़र्नांडिस को मेघालय, मिजोरम और नगालैंड का प्रभारी बनाया है.
| |
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार मंगलवार को अल्वा ने सोनिया गांधी से मुलाक़ात करके इस्तीफ़े की पेशकश की थी और दोपहर तक उन्होंने इस्तीफ़ा सौंप दिया था.
कांग्रेस की कार्यकारी समिति और केंद्रीय चुनाव समिति की सदस्य अल्वा इससे पहले अनुशासनात्मक समिति के चेयरमैन एके एंटनी के समक्ष पेश हुई थीं जहां उनसे पूछताछ हुई.
माना जाता है कि कर्नाटक चुनावों में अल्वा अपने पुत्र निवेदित को टिकट नहीं मिलने से नाराज़ थीं.
एंटनी ने बाद में सोनिया गांधी से मिलकर अपनी रिपोर्ट दे दी थी.
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता वीरप्पा मोइली ने कहा है कि विवाद में घिरीं कांग्रेस महासचिव मारग्रेट अल्वा ने पार्टी का अनुशासन को भंग किया है और ऐसा कांग्रेस पार्टी में बर्दाश्त नहीं किया जाता है.
कांग्रेस की अनुशासनिक समिति के अध्यक्ष वीरप्पा मोइली ने मीडिया को बताया, "पार्टी के नेता का क़द कितना भी बड़ा या छोटा हो, सार्वजनिक तौर पर आरोप लगाना दुर्भाग्यपूर्ण है और ये कांग्रेस में बर्दाश्त नहीं होता. कांग्रेस पार्टी की नज़र में सभी बराबर हैं."












Click it and Unblock the Notifications