अमरीकी राहतकर्मी की हत्या

पुलिस के मुताबिक यह वारदात पाकिस्तान के सूबा सरहद की राजधानी पेशावर में बुधवार को हुई.
राजधानी इस्लामाबाद में मौजूद अमरीकी दूतावास के अधिकारियों ने इस घटना में मारे गए व्यक्ति की पहचान करने से इनकार किया है.
आत्मघाती हमला
अमरीकी दूतावास के प्रवक्ता ने बीबीसी से कहा, "वे अपने दफ़्तर के पास थे जब उन्हें और उनके ड्राइवर की गोली मार कर हत्या कर दी गई."
प्रवक्ता ने इस बात से इनकार किया कि मारा गया अमरीकी व्यक्ति सहायता एजेंसी यूएसएड या अमरीकी सरकार का कर्मचारी थे. जैसा की कुछ शुरुआती ख़बरों में कहा गया था.
उन्होंने कहा कि वे एक ठेकेदार के कर्मचारी थे और ठेकेदार को यूएसएड ने काम पर रखा था.
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आत्मघाती हमलावर ने विस्फोटकों से लदी कार को एक अस्थायी सैन्य शिविर में ले जाकर ख़ुद को उड़ा दिया.
यह घटना पेशावर से 25 किलोमीटर दूर चारसड्डा के शबक़दर इलाक़े की है. इस इलाक़े पर तालेबान और अलक़ायदा की मज़बूत पकड़ है.
पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिम इलाक़े में पिछले कुछ महीनों में हिंसा की घटनाएँ काफ़ी बढ़ गई हैं. आरोप है कि इन घटनाओं को इस्लामी चरमपंथी अंजाम दे रहे हैं.
वहीं अफ़ग़ानिस्तान में मौज़ूद अमरीकी सैनिकों ने इन इलाक़ों में मिसाइलों से कुछ हमले किए हैं. इससे यहाँ अमरीका विरोधी भावनाएँ भड़क उठी हैं.
फाँसी पर चिंता
उधर, अमरीका के मानवाधिकार मामलों के उच्चायुक्त ने अफ़ग़ानिस्तान में इस हफ़्ते पाँच लोगों को फाँसी की सज़ा दिए जाने पर निराशा जताई है.
अमरीकी उच्चायुक्त नवी पिल्लै ने अफ़ग़ानिस्तान सरकार से अपील की है कि अगर उनकी किसी और को फाँसी देने की योजना हो तो उसे रोक दें.
संयुक्त राष्ट्र संघ के मुताबिक इन पाँच लोगों को फाँसी की सज़ा राष्ट्रपति हामिद करज़ई के आदेश पर दी गई.
अक्तूबर 2007 में 15 कैदियों को फाँसी के के बाद पहली बार सरकार ने किसी को फाँसी की सज़ा दी है.












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