सेबी ने विदेशी कोषों पर लगाम ढीले किए
मुंबई, 6 अक्टूबर (आईएएनएस)। बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने सोमवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) पर लगी कुछ पाबंदियां हटा ली। सेबी के अध्यक्ष सी. बी. भावे ने मुंबई में यह घोषणा की।
सेबी ने कहा कि 'ओवरसीज डेरिवेटिव इंस्ट्रमेंट्स' (ओडीआई) पर लगी कुछ पाबंदियां हटाई जाएंगी। भारतीय शेयर बाजार में निवेश करने वाले वैसे विदेशी निवेशक जो सेबी के पास पंजीकृत नहीं होते हैं वे ओडीआई के माध्यम से निवेश करते हैं।
नकद और डेरिवेटिव के मामले में 'पार्टिसिपेटरी नोट्स' (पी-नोट्स) पर लगी 40 प्रतिशत की पाबंदी हटा ली गई है।
पी-नोट्स ऐसे विदेशी निवेशकों के लिए जारी किए जाते हैं, जो भारत में सूचीबद्ध नहीं हैं। देश में आने वाले विदेशी कोष पर नियंत्रण के मकसद से पिछले साल अक्टूबर में सरकार ने पी-नोट्स पर पाबंदी लगाई थी।
नए नियमों के तहत तय किया गया था कि एफआईआई अपनी परिसंपत्ति का 40 प्रतिशत से ज्यादा पी-नोट्स में निवेश नहीं कर सकते। उस वक्त एफआईआई से कहा गया था कि यदि उन्होंने पी-नोट्स में अपनी कुल परिसंपत्ति का 40 प्रतिशत से ज्यादा निवेश कर रखा है, तो इसे 18 महीनों के भीतर कम कर लें।
गौरतलब है कि बंबई शेयर बाजार (बीएसई) का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक 'सेंसेक्स' आज लगभग छह प्रतिशत लुढ़क गया। कयास लगाए जा रहे हैं कि बाजार को मंदी से उबारने के लिए ही सेबी ने यह कदम उठाया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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