नैनो परियोजना पर जनता की मदद चाहती है सरकार
कोलकाता, 14 सितम्बर (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल सरकार ने सिंगुर स्थित 'टाटा मोटर्स' की 'नैनो' परियोजना के लिए अधिग्रहित जमीन के लिए मुआवजे के नवीनतम पैकेज पर लोगों का समर्थन जुटाने के प्रयास में रविवार को स्थानीय अखबारों में विज्ञापन दिया है।
कोलकाता, 14 सितम्बर (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल सरकार ने सिंगुर स्थित 'टाटा मोटर्स' की 'नैनो' परियोजना के लिए अधिग्रहित जमीन के लिए मुआवजे के नवीनतम पैकेज पर लोगों का समर्थन जुटाने के प्रयास में रविवार को स्थानीय अखबारों में विज्ञापन दिया है।
विज्ञापन में राज्य सरकार की ओर से कहा गया है, "परियोजना का निर्माण कार्य सामान्य रूप से आगे बढ़ाने के उद्देश्य से यह पैकेज मुहैया कराया जा रहा है।" यह विज्ञापन कुछ अखबारों के मुख्य पृष्ठ पर और कुछ अखबारों में अंदर के पृष्ठ पर प्रमुखता से छापा गया है।
इस विज्ञापन का शीर्षक 'परियोजना से प्रभावित सिंगुर के लोगों के पुनर्वास पैकेज की पेशकश' है। इसमें मुख्यमंत्री बुद्धदेब भट्टाचार्य की ओर से पश्चिम बंगाल की मुख्य विपक्षी पार्टी तृणमूल कांग्रेस के समक्ष रखी गई रियायतों की सूची भी है।
कोलकाता से लगभग 40 किलोमीटर दूर सिंगुर में नैनो परियोजना के लिए सरकार ने कुल 997.11 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया था। लेकिन तृणमूल कांग्रेस और किसानों के संगठन कृषि जमीं जिबिका रक्षा कमेटी (केजेजेआरसी) का कहना है कि इसमें से 400 एकड़ जमीन किसानों से उनकी मर्जी के खिलाफ ली गई है, लिहाजा यह जमीन उन्हें लौटा दी जानी चाहिए।
ममता ने हालांकि भट्टाचार्य की पेशकश ठुकरा दी है। उनका आरोप है कि राज्य सरकार इस महीने की सात तारीख को हुए समझौते से पीछे हट रही है।
ममता का कहना है कि राज्य सरकार ने समझौते में वादा किया था कि जिन किसानों ने उनकी जमीन के अधिग्रहण के लिए सरकार का मुआवजा स्वीकार नहीं किया है, उन्हें लौटाई जाने वाली ज्यादातर जमीन परियोजना स्थल के अंदर की होगी। बनर्जी अभी भी किसानों को 400 एकड़ जमीन लौटाए जाने की मांग पर अड़ी हुईं हैं।
गौरतलब है कि नैनो परियोजना के लिए अधिग्रहित जमीन का विवाद तूल पकड़ने की वजह से पिछले एक पखवाड़े से भी ज्यादा समय से निर्माणाधीन नैनो उत्पादन संयंत्र में कामकाज बंद है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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