दिल्ली विस्फोट : बाहरी लोगों की खोज खबर लेने कोई नहीं पहुंचा
नई दिल्ली, 14 (आईएएनएस)। राजधानी नई दिल्ली में शनिवार शाम को हुए सिलसिलेवार बम धमाकों के बाद घायलों को विभित्र अस्पतालों में भर्ती करवाया गया। इन विस्फोटों में ऐसे लोगों की भी मौत हुई है जो देश के अन्य भागों से रोजी रोटी की तलाश में यहां आए थे। करोल बाग स्थित जस्साराम अस्पताल में ऐसे कई लोग भर्ती हैं लेकिन उन्हें पूछने वाला कोई नहीं है।
नई दिल्ली, 14 (आईएएनएस)। राजधानी नई दिल्ली में शनिवार शाम को हुए सिलसिलेवार बम धमाकों के बाद घायलों को विभित्र अस्पतालों में भर्ती करवाया गया। इन विस्फोटों में ऐसे लोगों की भी मौत हुई है जो देश के अन्य भागों से रोजी रोटी की तलाश में यहां आए थे। करोल बाग स्थित जस्साराम अस्पताल में ऐसे कई लोग भर्ती हैं लेकिन उन्हें पूछने वाला कोई नहीं है।
उत्तरप्रदेश के आंबेडकरनगर जिल के गड़वल गांव के 45 वर्षीय राधेश्याम गत तीन महीने से दिल्ली में थे और शनिवार को गफ्फार मार्केट खरीदारी के लिए आए थे लेकिन धमाके की चपेट में आने के कारण वे अस्पताल पहुंच गए। फिलहाल उनके परिजनों को इस बात की जानकारी नहीं है। राधेश्याम ने कहा, "घर वालों को अभी इसकी खबर नहीं दी है, क्योंकि वे काफी परेशान हो जाएंगे। यहां गांव के ही कुछ लोग हैं जो फिलहाल मेरे साथ हैं।"
बिहार के मधुबनी जिले के महरैल गांव का विलक्षण झा घायल अवस्था में एक दूसरे बिस्तर पर पड़े हैं। उसका 24 वर्षीय भाई भास्कर इस हादसे में अपनी जान गंवा चुका है। दोनों भाई गफ्फार मार्केट में ही पा*+++++++++++++++++++++++++++र्+*ग स्थल पर दिहाड़ी करते थे। विलक्षण ने आईएएनएस को बताया, "मैं अपने भाई के साथ पा*+++++++++++++++++++++++++++र्+*ग का काम देखता था। एक कार खड़ी करते समय अचानक धमाका हो गया। मेरे छोटे भाई की जान चली गई, अब मैं घरवालों को क्या जवाब दूंगा।
कोलकाता से आए 60 वर्षीय नवल किशोर अपने परिजनों से मिलने यहां आए थे। उन्होंने कहा, "मैं कोलकाता में नौकरी करता हूं। यहां अपने परिवार से मिलने आया था। क्या सोचा था और क्या हो गया!"
अस्पताल के जन सूचना अधिकारी (पीआरओ) हरि सिंह लाखोटी ने आईएएनएस को बताया, विस्फोट में घायल हुए 26 लोगों को यहां भर्ती कराया गया, जिसमें चार लोगों की मौत हो गई और दो गंभीर रूप से घायल है। अस्पताल के एक अधिकारी ने बताया कि यहां भास्कर, अशोक और कृष्णा की मौत हो गई है, जबकि एक मृतक की अब तक पहचान नहीं हो पाई है।
डा. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती लोगों को देखने पूरी रात विशष्टि लोग आते रहे लेकिन बाहर से आए इन लोगों की खोज खबर लेने कोई नहीं पहुंचा। न कोई राजनेता न कोई सामाजिक कार्यकर्ता।
इंडो-एशयिन न्यूज सर्वसि।
**












Click it and Unblock the Notifications