ओलंपिक में स्वर्ण पदक मिलने पर वाराणसी में खुशी की लहर
वाराणसी, 11 अगस्त (आईएएनएस)। 10 मीटर की राइफल शूटिंग व्यक्तिगत प्रतिस्पर्धा में अभिनव बिंद्रा ने ओलंपिक में जिस तरह से 28 साल बाद स्वर्ण पदक जीतकर भारत का नाम रौशन किया है, उससे पूरे भारत का सिर गर्व से उंचा हो गया है। अभिनव बिन्द्रा द्वारा जैसे ही पदक जीतने की खबर आई वैसे ही धर्म की नगरी वाराणसी में खुशी की लहर दौड़ गयी।
कहीं युवाओं ने मिठाइयां बांट कर खुशी का इजहार किया तो कहीं तिरंगे लहराकर 'अभिनव बिन्द्रा बधाई हो' के नारे लगाये गये। खेल प्रेमियों की खुशी तब और बढ़ गयी जब उन्हें पता चला कि व्यक्तिगत प्रतिस्पर्धा में भारत की झोली में अब तक का पहला स्वर्ण पदक है।
गौरतलब है कि 112 साल पहले ओलिंपिक की शुरुआात सन् 1896 में हुई थी तब से आज तक भारत ने पहली बार व्यक्तिगत प्रतिस्पर्धा में कोई स्वर्ण पदक अपने नाम करा पाया है।
भारत के नाम ओलंपिक में मिले स्वर्ण पदक की खबर पाते ही वाराणसी के सिगरा स्टेडियम के खिलाड़ियों ने भारतीय तिरंगे को लेकर पूरे ग्राउंड के चार चक्कर लगाये तथा अभनव बिन्द्रा बधाई हो के नारे लगाकर खूब झूमे। वाराणसी के खेल प्रेमियों ने भारत के नाम स्वर्ण पदक पर खुशी जाहिर की तो वहीं केंद्र सरकार की खेल नीति की आलोचना भी की गयी।
वाराणसी में जूडो के कोच लाल कुमार ने कहा कि ऐसे मौके पर किसी की आलोचना तो नहीं करनी चाहिए लेकिन भारत सरकार जिस तरह से क्रिकेट पर ध्यान देती है यदि उसी तरह अन्य खेलों पर भी ध्यान दे तो हमारा देश भी अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में न सिर्फ प्रमुख भूमिका निभा सकता है बल्कि गोल्ड मेडल भी जीत कर ला सकता है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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