बीजिंग ओलंपिक : मेरे बेटे ने साबित किया 'सिंह इज किंग' : ए.एस. बिंद्रा

चंडीगढ़, 11 अगस्त (आईएएनएस)। ओलंपिक चैंपियन निशानेबाज अभिनव बिंद्रा के उद्योगपति पिता ए.एस. बिंद्रा और मां बबली बिंद्रा की खुशी का ठिकाना नहीं है। सोमवार को अपने फार्म हाउस पर बेटे की सफलता का जश्न मना रहे ए.एस बिंद्रा ने कहा कि उनका बेटा सही मायने में 'किंग' है।

अपनी खुशी का इजहार करते ए.एस बिंद्रा ने कहा, "मेरे बेटे ने साबित कर दिया कि 'सिंह' ही असल मायने में 'किंग' है। अभिनव ने समूचे सिख समुदाय के साथ-साथ देश का नाम रोशन किया है।"

बेटे की सफलता पर अभिनव की मां बबली बिंद्रा ने कहा, "रविवार को मेरी अभिनव से थोड़ी देर बात हुई थी। वो इस बार बुल्स-आई पर निशाना साधने के लिए बेकरार था। सोमवार सुबह मैं इस बात को लेकर बहुत घबराई हुई थी कि पता नहीं वह कैसा प्रदर्शन करेगा। अब जबकि उसने अपना काम कर दिखाया है, मेरी उससे बात नहीं हो पाई है क्योंकि वो बहुत व्यस्त है। बेटे की सफलता के बाद हमने सुबह से लड्डू के अलावा और कुछ नहीं खाया है। हमें तो नाश्ता करने का भी समय नहीं मिला। जैसे ही खबर मिली कि अभिनव ने भारत के लिए पहला व्यक्तिगत स्वर्ण जीत लिया है, मेरे घर का फोन बजने लगा।"

बबली बिंद्रा के मुताबिक उन्होंने सोमवार सुबह अपने बेटे को एक एसएमएस भेजा था, जिसमें लिखा था 'अभिनव तुम कर सकते हो, मैदान मार लो'। बकौल बबली बिंद्रा, "पता नहीं, उसने मेरा मैसेज देखा या नहीं, लेकिन जैसे ही स्पर्धा का परिणाम आया, मैं खुशी से उछल पड़ी।"

बबली बिंद्रा ने कहा कि अभिनव 14 अगस्त को स्वदेश लौटेंगे। उन्होंने कहा, "हमारा पूरा परिवार उसे लेने हवाई अड्डे जाएगा। मैं उस पल का बेसब्री से इंतजार कर रही हूं, जब मैं उसे अपने गले से लगाकर बधाई दूंगी।"

बिंद्रा परिवार ने पिछले दो ओलंपिक की तरह इस बार भी अपने बेटे का प्रदर्शन देखने के लिए बीजिंग जाने का फैसला किया था, लेकिन किसी अच्छे होटल में कमरा नहीं मिल पाने के कारण इस बार उन्हें अपने बेटे को इतिहास रचते देखने का मौका नहीं मिल सका।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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