सन 2013 की गर्मियों में बर्फ रहित हो सकता है उत्तरी ध्रुव
टोरंटो, 11 अगस्त (आईएएनएस)। जलवायु परिवर्तन के बढ़ते खतरे और आर्कटिक महासागर के लगातार सिकुड़ते जाने के बीच वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि सन 2013 की गर्मियों में हो सकता है उत्तरी ध्रुव पर बर्फ का नामोनिशान न बचे।
भारतीय मूल के दो अमेरिकी शोधकर्ताओं ने भविष्यवाणी की है कि आगामी कुछ सालों में जब बर्फ रहित आर्कटिक सागर को पार करना संभव हो जाएगा तो उस समय प्रशांत महासागर के जीव जंतु आसानी से अटलांटिक महासागर पहुंचने में सक्षम होंगे।
कैलीफोर्निया विश्वविद्यालय के गीरत वर्मजी और कैलीफोर्निया एकेडमी ऑफ साइंसेज के पीटर रूपनारायण ने कहा है कि वर्ष 2007 की गर्मियों में जलवायु परिवर्तन के कारण आर्कटिक में बर्फ का क्षेत्र 1.4 करोड़ वर्ग किलोमीटर से सिकुड़ कर मात्र 40 लाख वर्ग किलोमीटर हो गया। उन्होंने पाया कि बर्फ की परत जो सन 1991 में 2.5 मीटर मोटी थी वह अब मात्र 0.9 मीटर रह गई है।
उन्होंने कहा कि अगर बर्फ का पिघलना इसी गति से जारी रहा तो अगले कुछ सालों में आर्कटिक क्षेत्र बर्फ से रहित हो जाएगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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